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शिवपाल का बढ़ा कद, अंबिका के कतरे पर
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Sun, 28 Jul 2013 08:50 PM IST
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मंत्रिमंडल के तीसरे विस्तार के दस दिन बाद मंत्रियों के विभागों का बंटवारा हो गया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने स्वयं के साथ छह मंत्रियों के जिम्मेदारियों में फेरबदल किया है।
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अंबिका चौधरी से राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभाग सहित उनके पास मौजूद चारों विभाग लेकर उनके पर कतर दिए गए हैं।
यह सभी विभाग शिवपाल सिंह यादव को सौंपकर उनके कद व महत्व को बढ़ाने का संदेश देने की कोशिश की गई है।
अंबिका को उनके पुराने विभागों की जगह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने पास मौजूद विभागों के भार को कुछ कम करते हुए पिछड़ा वर्ग कल्याण व विकलांग कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी है।
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इसी के साथ तीन नए कैबिनेट मंत्रियों व एक स्वतंत्र प्रभार मंत्रियों को चार विभाग सौंपकर उन्होंने अपने पास से छह विभागों की जिम्मेदारी कम कर दी है।
अब मुख्यमंत्री के पास 62 की जगह 56 विभाग रहे गए हैं। इससे पहले इसी वर्ष मंत्रिमंडल के दूसरे विस्तार के बाद 9 फरवरी को मंत्रियों को विभाग बांटे गए थे।
दो को छोड़ किसी के विभागों में फेरबदल नहीं
तीसरे फेरबदल में पुराने मंत्रियों में सिर्फ अंबिका व शिवपाल के विभागों में ही फेरबदल हुआ है। इसके अलावा शेष किसी मंत्री से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है।
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सभी के पास पूर्ववत अपने विभाग बरकरार रखे गए हैं। शिवपाल को अंबिका के विभाग सौंप देने के बाद उनके पास अब सात की जगह 11 विभाग हो गए हैं।
जिनमें लोक निर्माण, सिंचाई, सिंचाई (यांत्रिक), बाढ़ नियंत्रण, सहकारिता, भूमि विकास एवं जल संसाधन, परती भूमि विकास के साथ ही अंबिका के पास के राजस्व, अभाव, सहायता एवं पुनर्वास और लोकसेवा प्रबंधन विभाग की जिम्मेदारी आ गई है।
इन मंत्रियों को मिला यह काम
नए कैबिनेट मंत्रियों में नारद राय को खेलकूद व युवा कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। यह विभाग भी अभी तक मुख्यमंत्री के पास था।
राममूर्ति वर्मा के पास दुग्ध विकास विभाग की जिम्मेदारी अभी राज्यमंत्री के रूप में थी।
कैबिनेट मंत्री के रूप में यह विभाग भी मुख्यमंत्री के जिम्मे था। कैबिनेट मंत्री के रूप में राममूर्ति वर्मा के पास यह विभाग अब स्वतंत्र रूप से आ गया है।
तीसरे नए कैबिनेट मंत्री कैलाश को खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। यह विभाग राजाराम पाण्डेय के त्यागपत्र देने के बाद कैबिनेट मंत्री के रुप में मुख्यमंत्री से संबद्ध था।
गायत्री प्रसाद प्रजापति के विभाग में भी कोई फेरबदल नहीं किया गया है। उनके पास राज्यमंत्री के रूप में भूतत्व व खनिकर्म था।
कैबिनेट मंत्री के रूप में मुख्यमंत्री के पास इस विभाग की भी जिम्मेदारी थी। अब प्रजापति इस विभाग की स्वतंत्र रूप से जिम्मेदारी संभालेंगे।