{"_id":"5b596b174f1c1bb8538b553b","slug":"demolition-of-big-illegal-construction-in-densely-populated-city","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"घनी आबादी में बने बड़े अवैध निर्माण होंगे धराशायी, गाजियाबाद हादसे से लिया सबक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घनी आबादी में बने बड़े अवैध निर्माण होंगे धराशायी, गाजियाबाद हादसे से लिया सबक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Thu, 26 Jul 2018 12:19 PM IST
विज्ञापन
दालमंडी में तीन अवैध निर्माण सील, दो सुपरवाइजर सस्पेंड
- फोटो : अमर उजाला
शहरी क्षेत्र में हुए अवैध निर्माणों को वैध करने के लिए आवास विभाग द्वारा तैयार की गई नई शमन योजना का लाभ आबादी में बने बड़े अवैध निर्माणों को नहीं मिलेगा। नई योजना में ऐसे निर्माणों को वैध करने के बजाए ध्वस्त करने का प्रावधान किया जाएगा।
विज्ञापन
इसके लिए प्रस्तावित शमन योजना में कुछ और संशोधन करने की कवायद शुरू की गई है। सरकार ने यह फैसला पिछले दिनों नोएडा व गाजियाबाद में निर्माणाधीन दो अवैध भवनों के गिरने से हुए जान-माल के नुकसान को देखते हुए किया है।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक, गाजियाबाद में अवैध बिल्डिंग गिरने के बाद नई शमन योजना को मंगलवार की कैबिनेट में रखने के फैसले को टाल दिया गया। अब प्रस्तावित शमन योजना में और कुछ कड़े प्रावधान जोड़ने के बाद ही इसे कैबिनेट में रखा जाएगा।
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री की मंशा के मुताबिक प्रस्तावित नई शमन योजना में ऐसे निर्माणों के लिए और सख्त नियम बनाए जाएंगे। खास तौर पर शहर के रिहायशी और घनी आबादी क्षेत्र में बहुमंजिले अपार्टमेंट के निर्माण आदि को लेकर मुख्यमंत्री ने सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं।
नई शमन योजना में वैध नहीं होंगे ये निर्माण
सरकार और शासन स्तर पर शिकायत मिली है कि गाजियाबाद और नोएडा के आसपास बहुत से ऐसे अपार्टमेंट बने हैं, जिनका नक्शा प्राधिकरणों से स्वीकृत नहीं हैं। ऐसे अवैध निर्माणों को गिराने के लिए मुख्यमंत्री ने अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही छह महीने के लिए लागू नई शमन योजना में ऐसे निर्माणों को वैध न करने को कहा है।