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Lucknow News: जलापूर्ति बाधित होने से सीएचसी पर प्रसव सेवा ठप
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लखनऊ। बोरिंग फेल होने से जलापूर्ति बाधित हो जाने से इंदिरानगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर प्रसव सेवा ठप हो गई है। यहां आने वाली गर्भवती महिलाओं को लौटा दिया जा रहा है।
इंदिरानगर सीएचसी की ओपीडी में रोजाना करीब 400 मरीज आते हैं। इसके अलावा यहां हर दिन तीन से चार प्रसव भी होते थे। सीएचसी पर तीन दिन से पानी की आपूर्ति ठप होने से प्रसव सेवा भी बंद कर दी गई। अस्पताल प्रशासन ने प्रसव कक्ष पर ताला लगा दिया है।
सीएचसी में बोरिंग फेल होने से पानी का संकट उत्पन्न हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना पानी के स्वच्छता बनाए रखना और प्रसव कराना संभव नहीं है। प्रसव कक्ष और ऑपरेशन थिएटर में पानी की निरंतर आपूर्ति जरूरी है। पानी के अभाव में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जिससे मरीजों की जान को जोखिम हो सकता है।
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कर्मचारियों ने बताया कि टैंकरों से भी पानी की आपूर्ति पूरी नहीं हो पा रही है। इस कारण गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए दूसरे अस्पताल जाने की सलाह दी जा रही है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी दूर-दराज के इलाकों से आने वाली महिलाओं को हो रही है। उन पर न सिर्फ आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, बल्कि समय पर इलाज न मिलने का खतरा भी है।
सीएचसी प्रभारी डॉ. मयंक जलोटे ने बताया कि नई बोरिंग के लिए सीएमओ ऑफिस पत्र भेजा गया है। सीएमओ को भी समस्या से अवगत कराया है। बोरिंग के लिए बजट जारी किया गया है। एक-दो दिन में बोरिंग हो जाएगी। इसके बाद सीएचसी पर प्रसव दोबारा शुरू होंगे।
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इंदिरानगर सीएचसी की ओपीडी में रोजाना करीब 400 मरीज आते हैं। इसके अलावा यहां हर दिन तीन से चार प्रसव भी होते थे। सीएचसी पर तीन दिन से पानी की आपूर्ति ठप होने से प्रसव सेवा भी बंद कर दी गई। अस्पताल प्रशासन ने प्रसव कक्ष पर ताला लगा दिया है।
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सीएचसी में बोरिंग फेल होने से पानी का संकट उत्पन्न हुआ है। कर्मचारियों का कहना है कि बिना पानी के स्वच्छता बनाए रखना और प्रसव कराना संभव नहीं है। प्रसव कक्ष और ऑपरेशन थिएटर में पानी की निरंतर आपूर्ति जरूरी है। पानी के अभाव में संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है, जिससे मरीजों की जान को जोखिम हो सकता है।
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कर्मचारियों ने बताया कि टैंकरों से भी पानी की आपूर्ति पूरी नहीं हो पा रही है। इस कारण गर्भवती महिलाओं को प्रसव के लिए दूसरे अस्पताल जाने की सलाह दी जा रही है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी दूर-दराज के इलाकों से आने वाली महिलाओं को हो रही है। उन पर न सिर्फ आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, बल्कि समय पर इलाज न मिलने का खतरा भी है।
सीएचसी प्रभारी डॉ. मयंक जलोटे ने बताया कि नई बोरिंग के लिए सीएमओ ऑफिस पत्र भेजा गया है। सीएमओ को भी समस्या से अवगत कराया है। बोरिंग के लिए बजट जारी किया गया है। एक-दो दिन में बोरिंग हो जाएगी। इसके बाद सीएचसी पर प्रसव दोबारा शुरू होंगे।