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डिलीवरी ब्वॉय निकले जालसाज: आईफोन और आईपैड निकालकर डिब्बों में भर दी पुट्टी, पुलिस ने छह को किया गिरफ्तार
Mon, 03 Oct 2022 09:04 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 03 Oct 2022 09:04 AM IST
सार
लखनऊ पुलिस ने तीन डिलीवरी ब्वॉय और इनके तीन साथियों को गिरफ्तार किया है। जालसाज डिलीवरी ब्वॉय डिब्बों से मोबाइल निकालकर पुट्टी भर देते थे। तीन आरोपी फ्लिपकार्ट का सामान सप्लाई करने वाले कंपनी से जुड़े हैं।
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गिरोह से बरामद आईफोन व आईपैड।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
लखनऊ के मड़ियांव पुलिस ने रविवार को एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो बीच रास्ते ऑनलाइन शॉपिंग के सामान को निकालकर डिब्बे में पुट्टी भर देता था। लगातार पार्सल वापस आने के कारण कंपनी ने मड़ियांव थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने तीन डिलीवरी ब्वॉय और इनके तीन साथियों को गिरफ्तार कर 43 मोबाइल व सात टैबलेट बरामद किए। इसमें एपल कंपनी के 40 आईफोन व आईपैड हैं।
डीसीपी उत्तरी सै. कासिम आब्दी के मुताबिक, आरोपियों में अयोध्या निवास सचिन तिवारी, अंबेडकरनगर निवासी अभिषेक दुबे, बीकेटी लालपुर निवासी शुभम यादव, विकास यादव, इटौंजा सिरसा निवासी धर्मवीर यादव और रवींद्र कुमार है। आरोपियों को सीतापुर रोड चंद्रा हॉस्पिटल ढाल के पास से गिरफ्तार किया गया।
डीसीपी के मुताबिक, रवींद्र, शुभम और धर्मवीर फ्लिपकार्ट का सामान सप्लाई करने वाली इंस्टाकार्ट सर्विसेज में डिलीवरी ब्वॉय हैं। 23 से 29 सितंबर के बीच आईआईएम रोड स्थित एक पते पर मोबाइल, टैबलेट और स्मार्टवॉच की कई बुकिंग की गईं थीं। डीसीपी के मुताबिक कंपनी के अधिकारी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शुभम, रवींद्र और धर्मवीर ने इस बीच कई पार्सल पता नहीं मिलने के कारण लौटाए।
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हेड ऑफिस से पता चला कि डिब्बों से मोबाइल गायब हैं।मुकदमा दर्ज कराकर धीरेंद्र ने डिलीवरी ब्वॉय पर संदेह जताया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि पता नहीं मिलने के कारण पार्सल लौटा देते हैं। जब आरोपियों की कॉल डिटेल निकाली गई तो कई ऐसे नंबर मिले, जिन पर लगातार कॉल की जाती थी।
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डीसीपी उत्तरी सै. कासिम आब्दी के मुताबिक, आरोपियों में अयोध्या निवास सचिन तिवारी, अंबेडकरनगर निवासी अभिषेक दुबे, बीकेटी लालपुर निवासी शुभम यादव, विकास यादव, इटौंजा सिरसा निवासी धर्मवीर यादव और रवींद्र कुमार है। आरोपियों को सीतापुर रोड चंद्रा हॉस्पिटल ढाल के पास से गिरफ्तार किया गया।
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डीसीपी के मुताबिक, रवींद्र, शुभम और धर्मवीर फ्लिपकार्ट का सामान सप्लाई करने वाली इंस्टाकार्ट सर्विसेज में डिलीवरी ब्वॉय हैं। 23 से 29 सितंबर के बीच आईआईएम रोड स्थित एक पते पर मोबाइल, टैबलेट और स्मार्टवॉच की कई बुकिंग की गईं थीं। डीसीपी के मुताबिक कंपनी के अधिकारी धीरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि शुभम, रवींद्र और धर्मवीर ने इस बीच कई पार्सल पता नहीं मिलने के कारण लौटाए।
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हेड ऑफिस से पता चला कि डिब्बों से मोबाइल गायब हैं।मुकदमा दर्ज कराकर धीरेंद्र ने डिलीवरी ब्वॉय पर संदेह जताया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया था कि पता नहीं मिलने के कारण पार्सल लौटा देते हैं। जब आरोपियों की कॉल डिटेल निकाली गई तो कई ऐसे नंबर मिले, जिन पर लगातार कॉल की जाती थी।
सचिन तिवारी है गिरोह का सरगना
डीसीपी के मुताबिक, रविवार को डिलीवरी ब्वॉय के साथ एक संदिग्ध नंबर के सक्रिय होने की जानकारी हुई। इसके बाद संबंधित इलाके में टीम लगाकर सभी को पकड़ लिया गया। गिरोह का सरगना सचिन तिवारी है जो हड़पे गए मोबाइल व टैबलेट को आधे दाम में बेचता था।
कई मोबाइल आरोपियों ने अपने लिए भी रखे थे। पूछताछ में सचिन ने कुबूला कि मोबाइल व टैबलेट निकालने के बाद डिब्बों में भीगी पुट्टी भर देते थे जो सूखने पर भारी हो जाती थी। इसके बाद पार्सल को दोबारा पैक कर टेप लगा दिया जाता था। इसके लिए फ्लिपकार्ट कंपनी के नाम से छपे टेप की व्यवस्था कर रखी थी।
कई मोबाइल आरोपियों ने अपने लिए भी रखे थे। पूछताछ में सचिन ने कुबूला कि मोबाइल व टैबलेट निकालने के बाद डिब्बों में भीगी पुट्टी भर देते थे जो सूखने पर भारी हो जाती थी। इसके बाद पार्सल को दोबारा पैक कर टेप लगा दिया जाता था। इसके लिए फ्लिपकार्ट कंपनी के नाम से छपे टेप की व्यवस्था कर रखी थी।