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दौ सौ फीट नीचे तक भुरभुरा बालू से राममंदिर निर्माण में देरी, चंपत राय ने बताई दिक्कतें

Fri, 04 Dec 2020 08:55 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Fri, 04 Dec 2020 08:55 PM IST
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Delay in construction of Ram temple from Bhurbura sand down to two hundred feet, Champat Rai reported problems
राममंदिर का भव्य विग्रह - फोटो : अमर उजाला
श्रीरामजन्मभूमि पर हजार साल तक अक्षुण्ण रहने वाले भव्य राममंदिर निर्माण शुरू करने से पहले इंजीनियरों का कई बाधाओं से सामना हो रहा है। राममंदिर के दो सौ फीट नीचे तक खुदाई में भुरभुरा बालू मिलने से मजबूत नींव तैयार करने पर कई पेंच फंस गया है। सीबीआरआई रुड़की ने अपनी रिपोर्ट में सरयू की किनारा और भुरभुरी बालू को लेकर रिपोर्ट दी है, इसके बाद आईआईटी चेन्नई हर तूफान, भूकंप आदि में मजबूत नींव न हिले, ऐसा तकनीकी आधार बनाने में जुटी है।
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यह तथ्य सामने आया है कि श्रीरामजजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की ओर देश के तमाम शीर्ष संत-धर्माचार्यों को भेजे जा रहे संदेश से। दरअसल नींव निर्माण में हो रही देरी पर कई संतों ने ट्रस्ट से जानना चाहा है कि इसकी वजह क्या है। अभी तक मंदिर का निर्माण क्यों नही हो पा रहा है। इसके जवाब में चंपत राय का एक मैसेज वायरल हुआ है, जिसमें वे देश के शीर्ष संतों को स्थिति स्पष्ट करते हुए लिखते हैं कि पूज्य महाराज जी सादर चरण स्पर्श.. मंदिर निर्माण के लिए लार्सन एंड ट्रूबो के साथ अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर हो गए हैं।
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निर्माण में सलाहकार के लिए टाटा की कंपनी टाटा इंजीनियर्स को लिया गया है, इनके साथ भी अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर हो गए हैं। सरयू नदी के निकट मंदिर का निर्माण होने के कारण तथा भूमि के नीचे दो सौ फीट गहराई तक भुरभुरी बालू होने के कारण मजबूत नींव की डाइंग पर इंजीनियर आपस में चर्चा कर रहे हैं, चर्चा की इन बैठकों में स्वामी गोविंददेव गिरी जी महराज भी उपस्थित रहे हैं। सामूहिक निर्णय के पश्चात नींव के निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारंभ हो सकेगा। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय संदेश भेजने की पुष्टि की है।
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तीन टीम कर रही पत्थरों की कोडिंग

Delay in construction of Ram temple from Bhurbura sand down to two hundred feet, Champat Rai reported problems
राम मंदिर - फोटो : अमर उजाला
राममंदिर निर्माण में तेजी आने के बाद रामजन्मभूमि कार्यशाला में भी हलचल बढ़ गयी है। कार्यशाला में राममंदिर की पहली मंजिल के लिए तराशे गए पत्थरों को अब रामजन्मभूमि परिसर पहुंचाने का काम भी चल रहा है। राममंदिर के लिए शेष पत्थरों की तराशी परिसर में ही कार्यशाला खोलकर की जाएगी। कार्यशाला में पत्थरों की कोडिंग का कार्य देख रहे मनोज सोमपुरा ने बताया कि पत्थरों की कोडिंग के लिए तीन टीम लगाई गयी है। पत्थरों की कोडिंग इस तरह से की जा रही है कि राममंदिर निर्माण शुरू होने पर पत्थरों को जोड़ने में कोई दिक्कत न हो।


सात व आठ को होगी राममंदिर निर्माण समिति की बैठक
ट्रस्ट सूत्रों के मुताबिक राममंदिर निर्माण समिति की बैठक आगामी सात व आठ दिसंबर को रामजन्मभूमि परिसर में होगी। बैठक में समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र मौजूद रहेंगें, वे दो दिनों के प्रवास पर अयोध्या पहुंचकर राममंदिर की नींच को लेकर मंथन करेगें। माना जा रहा है कि इस बैठक में तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर मूल ढांचे के निर्माण पर अंतिम मुहर लगने के साथ नींव खोदाई का काम शुरू करने की तिथि तय कर ली जाएगी। बैठक में निर्माण समिति सहित एलएंडटी, टाटा कंसल्टेंसी, आईआईटी चेन्नई समेत देशभर के कई अन्य विशेषज्ञ शामिल होंगें।

शीघ्र शुरू होगा राममंदिर के लिए नींव के निर्माण का कार्य : चंपत राय

भव्य राममंदिर निर्माण में देरी को लेकर महासचिव चंपत राय ने देश के तमाम शीर्ष संत-धर्माचार्यों को भेजे संदेश में कहा है कि नींव के निर्माण का कार्य जल्द शुरू होगा। कई संतों ने निर्माण में देरी पर इसकी वजह जाननी चाही थी। तब चंपत राय ने यह संदेश भेजा। इसमें कहा गया है कि मंदिर निर्माण के लिए लार्सन एंड ट्रूबो के साथ अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर हो गए हैं। निर्माण में सलाहकार के लिए टाटा की कंपनी टाटा इंजीनियर्स को लिया गया है। इनके साथ भी अनुबंध पत्र पर हस्ताक्षर हो गए हैं। सरयू नदी के निकट मंदिर का निर्माण होने के कारण तथा भूमि के नीचे 200 फीट गहराई तक भुरभुरा बालू होने के कारण मजबूत नींव की ड्राइंग पर इंजीनियर चर्चा कर रहे हैं। इन बैठकों में स्वामी गोविंददेव गिरी जी महराज भी उपस्थित रहे हैं। सामूहिक निर्णय के पश्चात नींव के निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारंभ हो सकेगा।
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