फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   defense expo 2020 Combat app will prevent soldiers from committing suicide

सैनिकों को आत्महत्या से रोकेगा कॉम्बैट एप, डीआरडीओ ने बनाया, हर जवान पर रखी जाएगी नजर

Sun, 09 Feb 2020 09:02 AM IST
शाहरुख खान नीरज अम्बुज, अमर उजाला, लखनऊ
नीरज अम्बुज, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 09 Feb 2020 09:02 AM IST
विज्ञापन
defense expo 2020 Combat app will prevent soldiers from committing suicide
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : PTI
सैनिकों में बढ़ते अवसाद और आत्महत्या की प्रवृत्ति पर जल्द रोक लगेगी। इसके लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के डिफेंस इंस्टीट्यूट ऑफ साइकोलॉजिकल रिसर्च (डीआईपीआर) ने कॉम्बैट एप बनाया है। 
विज्ञापन


इसके जरिये सैनिकों के मनोदशा के बदलाव पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। फिलहाल इस एप का ट्रायल आर्मी वार कॉलेज महू में किया जा रहा है। इसके सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं।
विज्ञापन


डिफेंस एक्सपो के हॉल नंबर-8 में इसकी जानकारी दी जा रही है। डीआईपीआर विषम परिस्थिति में काम करने वाले सैनिकों के मनोदशा का विश्लेषण और अन्वेषण करता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसी क्रम में इंस्टीट्यूट ने सैनिकों में अवसाद को कम करने और आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने के लिए कॉम्बैट एप बनाया है। इस एप में तीनों सेना के जवानों और अधिकारियों की मनोदशा पर लगातार नजर बनाए रखने के फीचर शामिल हैं। 

डीआईपीआर के टेक्निकल अधिकारी शुभम ने बताया कि कॉन्बैट एप से जवानों व अधिकारियों की मनोदशा को आसानी से भांप कर उनके हित में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। इसके बाद काउंसलिंग कर उन्हें अवसाद से निकालने में मदद मिलती है। 

एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले चार साल में 437 सैन्यकर्मियों ने आत्महत्या की। इनमें सेना के 340, नौसेना के 18 और वायुसेना के 79 जवान व अधिकारी शामिल हैं। जबकि जंग में इस दौरान महज 237 जवानों और अधिकारी की ही मौत हुई थी। इस तरह देश में सैन्यकर्मियों की मौत जंग में कम, पर आत्महत्या से ज्यादा हो रही है। 

पीएबीटी की जगह सीपीएसएस ने ली
एयरफोर्स, आर्मी, नेवी और कोस्ट गार्ड की फ्लाइंग ब्रांच में कई दशक पुराने पायलट एप्टीट्यूड एंड बैटरी टेस्ट (पीएबीटी) को कंप्यूटराइज्ड पायलट सिलेक्शन सिस्टम (सीपीएसएस) से बदल दिया गया है। 

सीपीएसएस में एडवांस फ्लाइट सिमुलेशन उपकरण, कॉकपिट, मॉनिटर और राडार कंट्रोल का टेस्ट होता है। यह सुखोई व तेजस जैसे एडवांस लड़ाकू विमानों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसे भी डीआईपीआर ने बनाया है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed