रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की योगी की तारीफ, बोले- यूपी के सीएम में निवेश बढ़ाने की गजब की ललक
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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश में निवेश बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। इसे लेकर उनके अंदर गजब की ललक है, इसलिए निवेशकों को यहां किसी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी। अगर किसी निवेशक को कोई दिक्कत लगती है तो रक्षा मंत्रालय के द्वार सभी के लिए खुले हैं। कभी भी आकर समस्या बताएं, हम मिलकर हल निकालेंगे।
‘उत्तर प्रदेश में डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरोडीर’ विषय पर आयोजित सेमिनार में कहा कि जब भी योगी आदित्यनाथ से मिलते हैं, तो प्रदेश में विकास और रोजगार बढ़ाने की वे जरूर चर्चा करते हैं। प्रदेश के कैप्टन में इस तरह की ललक है तो हर चुनौती पर विजय हासिल की जा सकती है।
उन्होंने कहा कि वैश्विक मंदी के इस दौर में भी हमारी अर्थव्यवस्था सबसे तेजी से आगे बढ़ रही है। दो-तीन तिमाहियों के आंकड़े गिरावट वाले हो सकते हैं, पर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने भी हमारी अर्थव्यवस्था की सराहना की है। वर्ष 2030 तक हमारी अर्थव्यवस्था टॉप-3 में शामिल हो जाएगी।
'सबसे ज्यादा एमएसएमई यूपी में'
राजनाथ ने कहा कि सबसे ज्यादा एमएसएमई यूपी में ही हैं। अगर कहीं कोई दिक्कत आती है तो निवेशक सीधे उनसे आकर दिल्ली में मिल सकते हैं। हमने रक्षा मंत्रालय के भवन के द्वार सभी के लिए खोल दिए हैं। हमें उद्यमियों से मिलने में कोई भय नहीं लगता। जो देश के लिए वेल्थ (धन) पैदा करते हैं, उनकी कठिनाइयों को दूर करना हमारा फर्ज है।
राजनाथ ने कहा कि यूपी के सहयोग व विकास के बिना 50 खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता है। औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने आह्वान किया कि निवेशक यूपी में निवेश करने के लिए आएं। सरकार उन्हें संसाधन और सुरक्षा उपलब्ध कराने के साथ ही उनकी समृद्धि की कामना भी करेगी।
यूपीडा के सीईओ अवनीश अवस्थी ने कहा कि डिफेंस कॉरीडोर में निवेश के लिए आने वाले आवेदनों पर 60 दिन केभीतर निर्णय की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। फिक्की के एसपी शुक्ला ने कहा कि यूपी में निवेश का बेहतर माहौल है।
अमेरिका भी मान रहा हमारा लोहा
राजनाथ ने कहा कि अमेरिका दौरे के दौरान उन्हें काफी अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। सामान्यत: वहां के राष्ट्रपति दूसरे देशों के मंत्रियों से नहीं मिलते हैं, पर डोनाल्ड ट्रंप ने उनसे बहुत देर तक बातचीत की। यह भारत की बढ़ती शक्ति का प्रतीक है।