Defence Expo 2020: सेटेलाइट से पता चलेगी सैनिकों की मौजूदगी की जगह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
युद्ध या आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन के समय हर सैनिक की मौजूदगी सेटेलाइट से पता चल सकेगी। वहीं कंट्रोल रूम से सीधे उन्हें लाइव कनेक्ट कर जरूरी आदेश युद्ध के बीच में दिए जा सकेंगे। लड़ाई के समय कहां चूक हुई? इसको भी सैनिक या मोर्चे पर तैनात सैन्य अधिकारियों की डिजिटल वार डायरी से विश्लेषण कर पता किया जा सकेगा।
भारतीय सैनिकों के लिए कानपुर की कंपनी एमकेयू ने खास नेटवर्क सेंट्रिक इंटीग्रेटेड कांबेट सिस्टम (निक्स) तैयार किया है। इसे पहली बार डिफेंस एक्सपो में सेना के उपयोग के लिए प्रदर्शित किया गया। इसका लाइव डेमो कंपनी सैन्य अधिकारियों के सामने कर रही है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि सैनिक अभी जिस बॉडी आर्मर का उपयोग कर रहे हैं, उसके साथ ही जीपीएस सहित हैंडहेल्थ टचस्क्रीन डिवाइस, ब्लू फोर्स ट्रैकिंग, टैक्टिकल रेडियो, माइक्रोवेव से लैस किया गया है।
इनसे सभी सैनिक एक अटैचीनुमा कमांड कंट्रोल से जुड़े रहेंगे और लाइव लोकेशन और डाटा शेयर करेंगे। इसकी खूबी यह है कि सुरक्षित तरीके से रेडियो और सेंसर्स अपना काम पूरा करेंगे। ब्लू फोर्स ट्रैकिंग से सभी सैनिकों को अपने साथी की लोकेशन पता होगी। ऐसे में अंधेरे में अगर कोई अपना साथी नजदीक आ जाता है। ऐसे में उस पर खुद ही हमला कर देने की संभावनाएं न्यूनतम होंगी और साथी सैनिक को नुकसान नहीं पहुंचेगा।
अफगानिस्तान से सीखकर बनाए हेलमेट
अफगानिस्तान में हेलमेट में लगे बोल्ट में गोली लगने से सैनिकों को नुकसान पहुंचा। ऐसे कई मामले रिपोर्ट हुए। इसके बाद एमकेयू ने बोल्ट-फ्री तकनीक को ईजाद किया है। अब हेलमेट में जहां बोल्ट का उपयोग बंद कर दिया गया है वहीं नाइट विजन, टार्च जैसे उपकरण लगाने के लिए हेलमेट के साथ मल्टी एक्सेसरी कनेक्टर सिस्टम (मैक्स) को बनाया है।