Defence Expo 2020: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोमती रिवर फ्रंट पर देखा एयर शो
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डिफेंस एक्सपो में मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयर शो देखा
डिफेंस एक्सपो में मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एयर शो देखा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।Prime Minister Narendra Modi witnesses air show at #DefExpo2020 in Lucknow. pic.twitter.com/DEi407FKND
— ANI UP (@ANINewsUP) February 5, 2020
Defence Expo underway in Lucknow. #DefenceExpo2020 pic.twitter.com/b7KVhYJwkC
— ANI UP (@ANINewsUP) February 5, 2020
Defence Expo underway in Lucknow. #DefenceExpo2020 pic.twitter.com/b7KVhYJwkC
— ANI UP (@ANINewsUP) February 5, 2020
#WATCH Lucknow: Prime Minister Narendra Modi at a stall showcasing a virtual shooting range. #DefExpo2020 pic.twitter.com/KQTlfoUWG9
— ANI UP (@ANINewsUP) February 5, 2020
- मोदी ने कहा कि हमारे ऊपर अपने देश के साथ ही पड़ोस के देशों को सुरक्षा देना हमारी अपनी जिम्मेदारी है। भारत की डिफेंस महत्वाकांक्षा किसी देश के खिलाफ नहीं है। भारत विश्व शांति का पक्षधर रहा है। आज दुनिया भर में छह हजार से ज्यादा भारतीय सैनिक विश्व शांति स्थापना समूह का हिस्सा है।
- इसके अलावा, तीनों सेनाओं में समन्वय व रक्षा खरीद में तेजी लगाने के लिए डिफेंस प्लानिंग कमेटी का गठन किया गया है। आज भारत में दो बड़े डिफेंस मैन्युफैकरिंग का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें से एक तमिलनाडु व दूसरा उत्तर प्रदेश में हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में डिफेंस कॉरिडोर में 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य है।
- 21वीं में विकास की जब भारत की बात होती है तो दुनिया की नजर भारत की तरफ उठती है। आज का यह आयोजन भारत की विश्व में भागीदारी का प्रमाण है। रक्षा व अर्थव्यवस्था की जानकारी रखने वाले जानते हैं कि भारत सिर्फ एक बाजार ही नहीं बल्कि विश्व के लिए एक अवसर है।
- मोदी ने कहा तकनीक का गलत इस्तेमाल और आतंकवाद को देखते हुए दुनिया के तमाम देश अपनी रक्षा तकनीक को आगे बढ़ा रही हैं। भारत भी इससे अछूता नहीं है।
- मोदी ने कहा कि हमारी कोशिश है कि आने वाले पांच साल में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के करीब 25 रक्षा उत्पाद विकसित किए जाएं। बीते पांच वर्षों में डिफेंस के क्षेत्र में तेजी आई है। 2014 के बाद बड़ी संख्या में डिफेंस लाइसेंस विकसित किए गए हैं।
- आने वाले पांच वर्षों में डिफेंस एक्सपोर्ट को 35 हजार करोड तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
- डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में भारत सैकड़ों वर्षों तक डिफेंस एक्सपोर्टर रहा है। आजादी के बाद सबसे बड़ी सेना, सबसे बड़ा लोकतंत्र होने के बावजूद भारत विश्व का सबसे बड़ा हथियारों का आयातक बन गया। वर्ष 2014 के बाद बड़े पैमाने नीतियों का निर्माण किया गया।
- बीते पांच-छह वर्षों में डिफेंस उत्पादों की मैन्युफक्चिरिंग में भारत को आगे बढ़ाने के लिए काम किया जा रहा है। इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर पर काम किया जा रहा है। हमारी कोशिश है कि डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सिर्फ सरकारी क्षेत्र तक सीमित न रहे बल्कि निजी क्षेत्रों की भी भागीदारी बढ़े।
Lucknow: Prime Minister Narendra Modi at the inaugural ceremony of the DefExpo 2020. Union Defence Minister Rajnath Singh, Governor Anandiben Patel and Chief Minister Yogi Adityanath also present. #DefenceExpo2020 pic.twitter.com/WYBOGMqkGq
— ANI UP (@ANINewsUP) February 5, 2020