प्रोफेशनल कोर्स वालों पर निर्णय जल्द
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हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग प्रोफेशनल कोर्स वालों के बारे में शीघ्र ही स्थिति स्पष्ट करने जा रहा है। उन्हें स्नातक के समकक्ष मानते हुए शिक्षक भर्ती के लिए पात्र मानने की तैयारी है।
इसके लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली में संशोधन पर मंथन चल रहा है। शासन के निर्देश पर गठित कमेटी इस संबंध में शीघ्र ही अपनी रिपोर्ट सौंपने वाली है। माना जा रहा है कि इसमें प्रोफेशनल कोर्स वालों के बारे में स्थिति साफ की जाएगी।
उप्र बेसिक शिक्षा अध्यापक सेवा नियमावली के मुताबिक परिषदीय स्कूलों में स्नातक, बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी के साथ टीईटी पास वाले शिक्षक बनने के पात्र माने गए हैं। शिक्षक भर्ती नियमावली में प्रोफेशनल कोर्स वालों के बारे में स्थिति स्पष्ट नहीं है।
शिक्षा विभाग भी है मजबूर
शिक्षक भर्ती में बीटीसी, बीएड व टीईटी में प्रोफेशनल कोर्स वालों को शामिल होने का मौका मिलता रहा है। इसी आधार पर प्रोफेशनल कोर्स के बाद बीएड या बीटीसी करके टीईटी पास करने वालों ने भी शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन कर रखा है।
प्रदेश में प्रोफेशनल कोर्स करने के बाद बीटीसी या फिर टीईटी करने वालों की संख्या अच्छी खासी है। इसलिए शिक्षा विभाग इनकी अनदेखी करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है।
मामले पर एससीईआरटी निदेशक सर्वेंद्र विक्रम सिंह कहते हैं, 'शासन के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय कमेटी की दो बार बैठक हो चुकी है। इसमें शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में प्रोफेशनल कोर्स वालों को शामिल करने पर मंथन किया जा चुका है। बेसिक शिक्षा निदेशक डीबी शर्मा और सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा से इस बारे में विस्तृत बात हो चुकी है। कमेटी शासन को जल्द ही रिपोर्ट देगी।'
शिक्षक भर्ती के लिए अपात्र कैसे
बेसिक शिक्षा के पूर्व निदेशक दिनेश चंद्र कनौजिया का कहना है कि प्रोफेशनल कोर्स वालों को शिक्षक भर्ती के लिए पात्र मानना शिक्षा विभाग की मजबूरी भी है। वे यदि बीटीसी, बीएड व टीईटी के लिए पात्र माने गए हैं तो शिक्षक भर्ती के लिए कैसे अपात्र मान सकते हैं। प्रोफेशनल कोर्स वालों को यदि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल करना है तो इसके लिए अध्यापक सेवा नियमावली बदलनी होगी।
उल्लेखनीय है कि हाईकोर्ट ने उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 29334 सहायक अध्यापकों की नियुक्ति के लिए चल रही काउंसलिंग में शामिल होने पर व्यवसायिक शिक्षा की डिग्री वाले अभ्यर्थियों के चयन पर रोक लगा दी है।
हाईकोर्ट ने कहा है कि इन अभ्यर्थियों की काउंसलिंग जारी रखी जाए मगर चयन को अंतिम रूप अभी न दिया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति पीकेएस बघेल ने सत्येंद्र कुमार सिंह और चार अन्य की याचिका पर दिया है।