फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Decision on Final Action Against Lucknow University Assistant Professor Today

Lucknow News: असिस्टेंट प्रोफेसर के खिलाफ अंतिम कार्रवाई पर फैसला आज

Tue, 19 May 2026 12:59 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 19 May 2026 12:59 AM IST
विज्ञापन
Decision on Final Action Against Lucknow University Assistant Professor Today
लखनऊ विश्वविद्यालय
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में जंतु विज्ञान विभाग में कार्यरत असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह से जुड़ी आपत्तिजनक ऑडियो क्लिप और छात्रा को प्रताड़ित करने के गंभीर मामले पर सोमवार को एक आपातकालीन कार्यपरिषद की बैठक हुई। बैठक में आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) की जांच रिपोर्ट पर विचार किया गया। इसके आधार पर कुलपति प्रोफेसर जेपी सैनी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय अनुशासन समिति का गठन किया गया है। यह समिति मंगलवार को अपना फैसला सुनाएगी।
विज्ञापन


कार्यपरिषद की बैठक में कुलसचिव भावना मिश्रा ने कार्यपरिषद को घटनाक्रम और पुलिस कार्रवाई से अवगत कराया। आईसीसी ने दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए। पीड़ित छात्रा ने मानसिक प्रताड़ना का विवरण दिया, जबकि आरोपी शिक्षक परमजीत सिंह ने आरोपों का खंडन करते हुए ऑडियो में अपनी आवाज होने की बात स्वीकार की है। उन्होंने इसे ''जुबान फिसलना'' बताया। कार्यपरिषद के सदस्यों ने वायरल ऑडियो को सुना और इसे शिक्षक-छात्र संबंधों के खिलाफ माना। आईसीसी ने अपनी रिपोर्ट में परमजीत सिंह के आचरण को अनुचित, अनैतिक और गंभीर श्रेणी का बताते हुए कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है। कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि विश्वविद्यालय छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और भयमुक्त शैक्षणिक वातावरण से कोई समझौता नहीं करेगा। उन्होंने जोर दिया कि दोषी को ऐसी सजा दी जाएगी जो भविष्य के लिए एक नजीर बनेगी।
विज्ञापन


कार्रवाई के लिए अनुशासन समिति का गठन

आईसीसी की रिपोर्ट और कार्यपरिषद की सहमति के बाद अनुशासन समिति का गठन किया गया है। इसमें प्रो. रचना श्रीवास्तव और प्रो. आनंद विश्वकर्मा सदस्य हैं। यह समिति अगले 24 घंटे के भीतर अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद 19 मई 2026 को कार्यपरिषद की एक और बैठक में आरोपी शिक्षक के खिलाफ अंतिम सेवा संबंधी कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


छात्राओं की सुरक्षा के लिए नए नीतिगत निर्णय

विश्वविद्यालय प्रशासन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने का संकल्प लिया है। आईसीसी को विशेष रूप से अधिकृत करते हुए निर्देश जारी किए गए हैं। प्रत्येक महाविद्यालय और विश्वविद्यालय में पीठासीन अधिकारी नियुक्त होंगे। इनके व्हाट्सएप नंबर और ईमेल आईडी प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किए जाएंगे। आईसीसी, छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए वार्षिक कार्यक्रम कैलेंडर भी जारी करेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed