जानिए, क्या हैं अखिलेश सरकार के अहम फैसले
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव व उनकी एनएसजी सिक्योरिटी हटाने से जुड़ी अटकलों पर सियासी बयानबाजी की जगह फिलहाल देखो और इंतजार करो की नीति पर चलने का संकेत किया है।
हालांकि सीएम ने यह जरूर कहा कि सिक्योरिटी नहीं रहेगी, तो भी चलेंगे। दरअसल एनेक्सी में प्रदेश कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी देने के लिए रुके थे।
यहां उन्होंने प्रदेश सरकार द्वारा प्रदेश के पिछड़े 680 विकास खंडों में केंद्र सरकार के सहयोग से छह से 12 वीं तक वाले मॉडल स्कूलों की स्थापना, क्लाइमेट चेंज स्टडी अथॉरिटी की स्थापना, निशक्तों की सुविधा के लिहाज से भवनों में सुविधाएं उपलब्ध कराने के अलावा लोहिया आवासों की लागत बढ़ाने की जानकारी दी।
उन्होंने यूजर चार्ज लेकर बंद कताई मिलों को चलाने के लिए फैसले को भी अहम फैसलों में गिनाया। यहीं मुख्यमंत्री से सवाल किया गया कि केंद्र द्वारा उनकी व सपा मुखिया की एनएसजी सुरक्षा हटाने पर विचार की खबरें आ रही हैं।
क्या सुरक्षा पर सियासत नहीं हो रही है? मुख्यमंत्री ने पहले तो कहा कि अभी इस पर चर्चा करने का समय नहीं है। फिर बोले, कि सुरक्षा नहीं रहेगी तो भी चलेंगे।
केंद्र भी बढ़ाए आवासों की लागत
मुख्यमंत्री ने कैबिनेट के कई अहम फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्र सरकार से प्रदेश सरकार की तरह आवासों की लागत बढ़ाने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि लोहिया आवास योजना लागू होने के बाद इसमें कई बदलाव किए गए हैं। इससे आवासों की लागत बढ़ गई है।
सरकार ने इसके मद्देनजर लोहिया आवासों की लागत बढ़ाकर 3.05 लाख प्रति आवास कर दी है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को केंद्रीय योजनाओं से बनने वालों आवासों की लागत बढ़ाकर कम से कम प्रदेश के बराबर करनी चाहिए। उन्होंने इंदिरा आवास, मछुआ आवास व शिल्पियों के लिए बननी वाले आवासों का खास तौर से जिक्र किया।