श्रमजीवी एक्सप्रेस ब्लास्ट: दोषी बंग्लादेशी हूजी आतंकी को फांसी की सजा
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श्रमजीवी एक्सप्रेस विस्फोटकांड के आरोपी हूजी के आतंकी बांग्लादेशी नागरिक ओबैदुर्रहमान उर्फ बाबू भाईको जौनपुर जिले के एडीजे प्रथम बुधिराम यादव ने फांसी और 10.3लाख रुपये जुर्माना भरने की सजा सुनाई।
इस मामले में उसके साथी आरोपी आतंकी मो. आलमगीर उर्फ रोनी को अदालत ने 30 जुलाई को फांसी की सजा सुनाई थी।
मंगलवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रमजीवी बम विस्फोट कांड के दूसरे आरोपी आतंकी ओबैदुर्रहमान को एडीजे प्रथम बुधिराम यादव की अदालत में पेश किया गया था।
उस पर आतंकी आरोपी याहिया के साथ बम बनाने का आरोप है। न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की बहस एवं तर्कों को सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ओबैदुर्रहमान को आईपीसी की धारा 302/120बी, 307/120बी, व 4 विस्फोटक पदार्थ अधिनियम तथा 14 फार्नर्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया तथा सजा सुनाने के लिए 31 अगस्त की तिथि नियत की थी।
अभियोजन पक्ष से पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता विजय शंकर यादव व बलिराम यादव ने की थी। जबकि आतंकी आरोपी की तरफ से पैरवी प्रदीप कुमार श्रीवास्तव ने की थी।
ये था श्रमजीवी विस्फोट कांड
बता दें कि 28 जुलाई, 2005 को पटना से नई दिल्ली जा रही श्रमजीवी एक्सप्रेस ट्रेन की सामान्य बोगी में हरपाल गंज रेलवे स्टेशन के आगे हरिहरपुर क्रासिंग के पास विस्फोट हुआ था।
इस विस्फोट में आरडीएक्स का इस्तेमाल हुआ था। इसमें 12 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 18 यात्री घायल हुए थे। ट्रेन के गार्ड जाफर अली ने 28 जुलाई, 2005 को जीआरपी थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।