UP: हर रोज दो जिंदगी ले रहे हैं बिजली के झटके
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प्रदेश में बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं में हर दिन दो व्यक्तियों की जान जा रही है। इनमें बिजली कर्मचारी व आमजन सभी शामिल हैं। वर्ष 2013-14 के आंकड़ों पर नजर डालें तो पूरे वित्तीय वर्ष में 611 लोगों की मौत बिजली के झटकों से हुई है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि साल दर साल हादसों की संख्या में वृद्धि हो रही है।
यह खुलासा उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने किया है। परिषद ने कहा कि यह वे आंकड़े हैं जिसे विद्युत सुरक्षा निदेशालय में दर्ज किया गया है। हकीकत में ये आंकड़े और ज्यादा हो सकते हैं।
वर्ष 2004-05 में बिजली दुर्घटनाओं में 494 व्यक्तियों की जान गई थी जबकि 10 साल बाद 2013-14 में मरने वालों की संख्या बढ़कर 611 हो गई है। इसके अलावा 271 लोग घायल हुए हैं एवं 985 पशुओं की मृत्यु भी दुर्घटनाओं के कारण हुई है।
परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा, बिजली कंपनियां इंडियन इलेक्ट्रिसिटी रूल्स 1956 के प्रावधानों का ठीक से अनुपालन नहीं करतीं। इस कारण दुर्घटनाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2013-14 में घटित कुल 1204 दुर्घटनाएं घातक प्रकृति की एवं 149 साधारण प्रकृति की थीं।
इसलिए बढ़ रही हैं दुर्घटनाएं
ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लाइनें व सिस्टम जर्जर हो गए हैं। इस नाते दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं। प्रदेश सरकार को गंभीरता से विचार करते हुए हादसों पर अंकुश लगाने की कार्ययोजना बनानी चाहिए।
ये हैं दुर्घटना के प्रमुख कारण
-इंसुलेटर का टूटना
-बाइंडिंग वायर का टूटना
-पोल व जम्फर का टूटना
-क्रास आर्म्स का टूटना
-सेफ्टी डिवाइस का कार्य न करना
-अर्थिंग ठीक न होना
- काम में लापरवाही
-स्टे वायर में इंसुलेटर का ठीक न होना