सोता रहा रेलवे, 14 घंटे स्टेशन पर पड़ी रही लाश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रेलवे की ओर से हमेशा बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। सीसीटीवी कैमरे लगाए जाते हैं, जीआरपी को मुस्तैद बताया जाता है। लेकिन, उनकी मुस्तैदी कितनी सही है वह इस घटना से साबित हो रही है।
श्रमजीवी एक्सप्रेस से नई दिल्ली जा रहे एक यात्री की बीच रास्ते में ही मौत हो गई। ट्रेन के लखनऊ पहुंचने पर यात्रियों ने शव प्लेटफार्म-4 की बेंच पर छोड़ दिया।
शव 14 घंटे तक लावारिस पड़ा रहा। इसकी जानकारी आरपीएफ और जीआरपी तक को नहीं हुई। स्टेशन मास्टर को बुधवार को दिल्ली कंट्रोल रूम से इसकी सूचना मिली।
दरअसल, बिहार के नालंदा निवासी रामेश्वर प्रसाद श्रमजीवी एक्सप्रेस (12391) के जनरल कोच में मंगलवार को पटना से नई दिल्ली के लिए बैठा था। जानकारी के मुताबिक, रामेश्वर प्रसाद की बीच रास्ते में ही मौत हो गई।
बुधवार सुबह जब रामेश्वर नई दिल्ली अपने घर नहीं पहुंचा तो उसके परिचितों ने नालंदा में रहने वाले घरवालों से संपर्क किया। जानकारी के बाद नई दिल्ली स्टेशन अधीक्षक ने बुधवार सुबह 11 बजे लखनऊ स्टेशन को फोन से इस बाबत सूचना दी।
ड्यूटी पर तैनात स्टेशन मास्टर ने प्लेटफार्म संख्या-4 पर जाकर देखा तो एक बेंच पर रामेश्वर प्रसाद का शव मिला। इसके बाद शव जीआरपी को सौंप दिया गया।
वहीं, बंदरिया बाग के पास रेलवे के केबल में बुधवार को खराबी आ गई। इससे दोपहर तीन बजे से मंडल परिचालन नियंत्रण कक्ष का संपर्क लखनऊ रेल मंडल के सभी स्टेशनों से कटा रहा। इससे ट्रेन परिचालन पर भी प्रभावित हुआ।