फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   DCM driver was murdered in protest against robbery

Lucknow News: लूट के विरोध पर हुआ था डीसीएम चालक का कत्ल

Fri, 19 Jan 2024 04:19 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 19 Jan 2024 04:19 AM IST
विज्ञापन
DCM driver was murdered in protest against robbery
लखनऊ। डीसीएम चालक प्रदीप यादव हत्याकांड का पुलिस ने बृहस्पतिवार को खुलासा कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। हत्या में प्रयुक्त चाकू के साथ ही पुलिस ने एक चापड़ भी बरामद किया है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने लूट के इरादे से डीसीएम रुकवाई थी। चालक को जब दबोचा तो उसने उनके हाथ में काट लिया था। जिसके बाद आरोपियों ने चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी थी।
विज्ञापन


कन्नौज के छिबरामऊ निवासी प्रदीप यादव (26) डीसीएम चालक थे। 12 जनवरी को वह दुबग्गा स्थित वेयर हाउस में माल लेकर आए थे। डीसीएम खाली होने के बाद 13 जनवरी की सुबह तकरीबन पांच बजे वह वेयर हाउस से गुडंबा घी लोड करने जा रहे थे। तभी बीकेटी थाना क्षेत्र में दुर्जनपुर गांव के पास आउटर रिंग रोड पर उनकी हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर तफ्तीश शुरू की थी।
विज्ञापन

डीसीपी नॉर्थ एसएम कासिम आब्दी ने बताया कि मामले में बीकेटी के भैंसामऊ निवासी राकेश रावत उर्फ मिट्ठू और कोटवा गांव के अरुण गौतम को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से वह जेल भेज दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

डीसीपी के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह शराब के अलावा गांजा भी पीते हैं। वारदात की सुबह ही दोनों ने नशा किया। फिर और नशा करने के लिए रुपये नहीं थे। इसलिए उन्होंने किसी भारी वाहन चालक को लूटने की साजिश रची। उनका मानना था कि भारी वाहन चालकों के पास डीजल भराने के लिए रकम होती है, इसलिए उनको निशाना बनाने की ठानी। डीसीएम को रुकवाया। उसके केबिन में घुस गए और चालक को पीटते हुए रुपयों की मांग की। इस दौरान प्रदीप ने अरुण के हाथ में काट लिया था। इससे दोनों लोग भड़क गए और राकेश ने चाकू से प्रदीप को गोद डाला।

एडीसीपी नॉर्थ अभिजित आर शंकर ने बताया कि आरोपी घटनास्थल पर मोबाइल नहीं ले गए थे। इसलिए उन तक पहुंचना चुनौती भरा था। तीन टीमों ने घटनास्थल के आसपास के पांच गांवों के करीब 200 लोगों से पूछताछ की। जिसमें कोटवा गांव के एक शख्स ने बताया कि अरुण के हाथ में कुछ चोट लगी है। वह नशेबाज भी है। उस पर लूट के कई केस भी हैं। पुलिस ने अरुण को उठाया। पूछताछ में उसने राकेश का नाम कबूला। इस तरह वारदात का खुलासा हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed