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Lucknow News: मौत के साये में बीत रहे दिन, दहशत में कट रहीं रातें

Fri, 04 Oct 2024 05:47 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 04 Oct 2024 05:47 AM IST
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Days are passing in the shadow of death, nights are being spent in terror
सतीश संगम
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लखनऊ। इस्राइल में काम कर रहे भारतीय श्रमिकों के दिन मौत के साये के बीच बीत रहे हैं। रातें दहशत में कट रहीं हैं। काम के दौरान श्रमिकों की नजरें आसमान की ओर टिकी रहती हैं। रात में मिसाइलों के धमाकों की गूंज कानों में पहुंचते ही श्रमिक सहम जाते हैं। ऐसे ही माहौल के बीच प्रदेश के करीब पांच हजार श्रमिक इस्राइल में काम कर रहे हैं।
लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर, उन्नाव व अन्य जिलों से काम करने के लिए इस्राइल गए श्रमिकों ने अमर उजाला से आपबीती साझा की है। श्रमिकों के अनुसार, यहां के हालात नाजुक बने हुए हैं। 24 घंटे डर का माहौल है। परिजनों से मोबाइल फोन के माध्यम से बात हो रही है। घर से बुलावा आ रहा है, लेकिन यहां की सरकार इजाजत नहीं दे रही है। सुरक्षा के इंतजाम पूरे हैं, लेकिन आसमान में मिसाइलें और धमाके से मन सहम जा रहा है।
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इस्राइल पर पिछले 48 घंटों से ईरान का हमला जारी है। यहां अब तक 2,500 से अधिक मिसाइलें दागी गईं। मोबाइल फोन के जरिये हर पांच से 10 मिनट पर सायरन से अलर्ट जारी किया जा रहा है। आपात स्थिति में 90 सेंकेड में सायरन बजाए जा रहे हैं। इस पर सभी श्रमिक बंकर में चले जाते हैं। यहां की सरकार हर संभव मदद का आश्वासन दे रही है। - पवन कुमार, सीतापुर
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मंगलवार की रात भयावह थी। हर तरफ चीखने की आवाज और इस बीच जब छत के ऊपर से मिसाइल गुजरी तो एक पल के लिए सहम से गए। करीब दो किमी दूर मिसाइल गिरी और तेज धमाका हुआ। अभी हाल में तीन दिन की छुट्टी कर दी गई, लेकिन इस बीच घर पर ही रहने को बोला गया है। सरकार की ओर से हर समय सतर्क होने की बात कही गई है। विकास कुमार, हरदोई



इस्राइल के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। परिजनों की चिंताएं बढ़ गईं हैं और वे घर बुला रहे हैं, लेकिन यहां की सरकार अनुमति नहीं दे रही है। हर बिल्डिंग में बंकर बने हैं। करीब 14 इंच मोटी परत वाले बंकर के अंदर सिर्फ आवाजें आती हैं। यहां के सैनिकों के अनुसार, लोगों के लिए बंकर सबसे सुरक्षित स्थान है और विषम स्थितियों में यहां रुकने को बोला जाता है। - रामसुचीत, उन्नाव
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