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गायत्री प्रजापति मामले में नया मोड़, पुत्री ने मां के खिलाफ ही कोर्ट में दी अर्जी, बताया जान का खतरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 24 Oct 2018 12:46 PM IST
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गायत्री प्रसाद प्रजापति
- फोटो : डेमो
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पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति व उनके साथियों पर चल रहे सामूहिक दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के मामले में वादिनी पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए उसकी पुत्री समेत दो ने कोर्ट में अर्जी दी है।
पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश विकास नागर ने उचित निर्णय करने का निर्देश देते हुए अर्जियों को एसएसपी को भेजने का आदेश दिया है।
वादिनी की बड़ी लड़की व इस मामले की पीड़िता बताते हुए एक युवती ने कोर्ट में अर्जी व शपथ पत्र देकर बताया कि इस घटना की पीड़िता वह है, लेकिन वादिनी और उसकी मां यह जानती थी कि वह आरोपियों के खिलाफ सही गवाही देगी। इस पर वादिनी ने उसकी जगह छोटी पुत्री का कलमबंद बयान दर्ज कराया।
अपनी मां से जान का खतरा बताते हुए कहा गया कि रिपोर्ट में जिस बड़ी लड़की से दुराचार होने की बात कही गई है वह स्वयं है, जबकि वादिनी ने पुलिस के समक्ष उसे पेश न करके छोटी बहन को पेश कर बयान दर्ज कराया कि उसके साथ दुराचार नहीं हुआ।
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अर्जी में कहा गया कि उसकी छोटी बहन बीमार रहती है तथा घटना के समय लखनऊ आई ही नहीं। वादिनी जब भी मंत्री आवास गई तो वह साथ थी। जब 17 जुलाई 2016 को उसकी मां के साथ दुराचार हुआ तो उसी दिन युवती के साथ भी दुराचार का प्रयास हुआ।
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पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश विकास नागर ने उचित निर्णय करने का निर्देश देते हुए अर्जियों को एसएसपी को भेजने का आदेश दिया है।
वादिनी की बड़ी लड़की व इस मामले की पीड़िता बताते हुए एक युवती ने कोर्ट में अर्जी व शपथ पत्र देकर बताया कि इस घटना की पीड़िता वह है, लेकिन वादिनी और उसकी मां यह जानती थी कि वह आरोपियों के खिलाफ सही गवाही देगी। इस पर वादिनी ने उसकी जगह छोटी पुत्री का कलमबंद बयान दर्ज कराया।
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अपनी मां से जान का खतरा बताते हुए कहा गया कि रिपोर्ट में जिस बड़ी लड़की से दुराचार होने की बात कही गई है वह स्वयं है, जबकि वादिनी ने पुलिस के समक्ष उसे पेश न करके छोटी बहन को पेश कर बयान दर्ज कराया कि उसके साथ दुराचार नहीं हुआ।
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अर्जी में कहा गया कि उसकी छोटी बहन बीमार रहती है तथा घटना के समय लखनऊ आई ही नहीं। वादिनी जब भी मंत्री आवास गई तो वह साथ थी। जब 17 जुलाई 2016 को उसकी मां के साथ दुराचार हुआ तो उसी दिन युवती के साथ भी दुराचार का प्रयास हुआ।
वादिनी व आरोपियों से जान का खतरा बताया था
गायत्री प्रजापति
कोर्ट में युवती व गवाह राम सिंह ने अर्जी देकर वादिनी व आरोपियों से जान का खतरा बताकर कहा, घटना के समय युवती की उम्र 17 वर्ष तथा छोटी बहन की उम्र 14 वर्ष थी। रिपोर्ट में भी वादिनी ने अपनी बड़ी पुत्री की उम्र 17 वर्ष ही बताई थी।
वहीं, राम सिंह ने भी उसे गवाही न देने के लिए प्रताड़ित करने की शिकायत की है। कोर्ट में इसके साथ एक अन्य अर्जी भी दी गई जिसमें आरोपियों पर लगाए गए आरोप को संशोधित करने की मांग की गई। इस पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने 30 अक्तूबर की तारीख तय की है।
वहीं, राम सिंह ने भी उसे गवाही न देने के लिए प्रताड़ित करने की शिकायत की है। कोर्ट में इसके साथ एक अन्य अर्जी भी दी गई जिसमें आरोपियों पर लगाए गए आरोप को संशोधित करने की मांग की गई। इस पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने 30 अक्तूबर की तारीख तय की है।