संघ ने बनाया कश्मीर में गुल खिलाने का प्लान!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश में भाजपा की सरकार बनने और महाराष्ट्र व हरियाणा में उम्मीद के अनुसार सफलता मिलने के संकेतों से उत्साहित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अब जम्मू-कश्मीर सहित पूर्वोत्तर के राज्यों में पकड़ व पहुंच मजबूत बनाने पर अपनी नजरें गड़ा दी हैं।
उसने सेवा कार्यों के माध्यम से वहां के लोगों को जोड़ने का लक्ष्य हाथ में लिया है। तय किया गया है कि बाढ़ की विभीषिका से त्रस्त जम्मू-कश्मीर में बड़े पैमाने पर पुनर्वास का काम शुरू किया जाए। सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने शुक्रवार को यहां पत्रकारों को बताया कि ओडिशा व आंध्र में तूफान से तो जम्मू-कश्मीर व मेघालय में भीषण बाढ़ से भारी तबाही हुई है।
संघ के स्वयंसेवक आपदा के 6-7 घंटे के अंदर ही सभी जगहों पर राहत कार्य में जुट गए थे। जम्मू-कश्मीर में स्वयंसेवकों ने 3085 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। 140 स्वास्थ्य शिविर लगाए। इनमें 21 हजार लोगों का इलाज किया गया। बड़ी मात्रा में राहत सामग्री बांटी।
हमने सिर्फ इंसान देखे: इस सवाल पर कि घाटी में आपने कितने हिंदुओं और कितने मुसलमानों की मदद की, होसबाले ने कहा-संघ के स्वयंसेवक सेवा व राहत कार्यों में सिर्फ इंसान देखते हैं। संघ का लक्ष्य इंसान की मदद करना होता है। किसका पंथ क्या है, यह हिसाब संघ या उसके स्वयंसेवक नहीं रखते।
कश्मीर समस्या हल करने में होगी आसानी
वहीं, संघ ने मेघालय समेत पूर्वोत्तर के राज्यों में पैठ बनाने के लिए सेवा कार्यों में तेजी लाने की रणनीति बनाई है। यह बात संघ के केंद्रीय कार्यकारी मंडल की बैठक के पहले दिन ही साफ हो गई।
जम्मू-कश्मीर में उमर अब्दुल्ला सरकार का कार्यकाल दिसंबर में पूरा हो रहा है। केंद्र में मोदी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनने के बाद से जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाना भगवा टोली की प्राथमिकता में आ गई है।
रणनीतिकार चाहते हैं कि किसी तरह वहां भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार बन जाए तो सीमा समस्या सहित कई चुनौतियों से पार पाने में केंद्र सरकार को सहूलियत हो जाएगी। साथ ही संघ का एक बड़ा सपना पूरा हो जाएगा।
लोगों की सेवाकर लेंगे समर्थन
जल्द शुरू होगा पुनर्वास का काम: जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय कार्यकारी मंडल की बैठक समाप्त होने के तुरंत बाद संघ की कोर कमेटी के कुछ सदस्य घाटी का दौरा करेंगे।
साथ ही वहां समाज के सहयोग से पीड़ितों के पुनर्वास की योजना बनाएंगे। जल्द ही आपदा प्रभावित इलाकों में पुनर्वास का काम शुरू किया जाएगा।
दरअसल, संघ के रणनीतिकारों का मानना है कि सेवाकार्यों के जरिये लोगों से संवाद बढ़ाने के साथ ही उनका समर्थन भी प्राप्त किया जा सकता है।