मुबारक! 30 से शुरू होंगे रोजे, 29 जुलाई को ईद
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शिया धर्मगुरु व ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के उपाध्यक्ष मौलाना डॉ. कल्बे सादिक ने चांद का दीदार किए बगैर ही ईद का एलान कर दिया।
शुक्रवार दोपहर वैज्ञानिक गणना के आधार पर मौलाना सादिक ने एलान किया कि रमजान का पहला रोजा 30 जून को होगा और ईद 29 जुलाई को मनाई जाएगी।
हालांकि, पारंपरिक तौर-तरीके से शनिवार रात चांद का दीदार किया जाना है। अन्य तमाम मौलाना व धर्मगुरु भी शनिवार को ही चांद का दीदार करने के बाद ईद का एलान करेंगे।
कई साल से रूढ़ि तोड़ रहे मौलाना सादिक
मौलाना कल्बे सादिक ने करीब चार साल पहले पारंपरिक तौर-तरीकों को दरकिनार कर वैज्ञानिक गणना के आधार पर ईद के एलान किए जाने की वकालत की थी।
कुछ लोगों ने सादिक की राय को अमलीजामा पहनाया, लेकिन तमाम लोग आज तक रूढ़ियों की बंदिशों से खुद को आजाद नहीं कर सके हैं।
हालांकि, मौलाना सादिक तर्क देते हैं कि आज के वैज्ञानिक जमाने में साइंस के आधार पर ही जब गणना मुमकिन है तो चांद का दीदार करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए।
चांद के दीदार को सज रहा ईदगाह
मौलाना कल्बे सादिक ने भले ही पिछले कई बरसों की तरह इस बार भी ईद का एलान पारंपरिक रिवाज से एक दिन पहले ही कर दिया हो, लेकिन लखनऊ के ईदगाह में चांद के दीदार का इंतजार बेसब्री से हो रहा है।
यहां शनिवार को ईदगाह कमेटी के मेम्बरान रात को चांद का दीदार करेंगे और उसके बाद ही ईद का एलान करेंगे। इसके लिए ईदगाह की सजावट तकरीबन पूरी भी हो चुकी है।
गौरतलब है कि इस तरह से संप्रदाय और मान्यता के आधार पर ईद को लेकर भी विवाद होते रहे हैं।