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नाम हटाने के लिए मांगी रिश्वत, रंगेहाथ दरोगा गिरफ्तार, निलंबित
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सैरपुर थाने के बौरुमऊ चौकी प्रभारी योेगेश सिंह ने मुकदमे से दो लोगों के नाम हटाने के लिए सात हजार रुपये की घूस मांगी।
एंटी करप्शन की टीम ने शुक्रवार को उसे रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। दरोगा के खिलाफ जानकीपुरम थाने में मुकदमा दर्ज कराया और उसे जानकीपुरम पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
डीसीपी उत्तरी कासिम आब्दी के मुताबिक, दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। योगेश सिंह 2019 में मृतक आश्रित कोटे में भर्ती हुआ था।
एंटी करप्शन के डीआईजी राजीव मल्होत्रा के मुताबिक, सैरपुर थाने में 26 मार्च को जमीन को लेकर हुई मारपीट में टंटापुर गांव निवासी जितेंद्र ने नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
वहीं, दूसरे पक्ष से रामस्वरूप यादव ने जितेंद्र सहित नौ के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया। दोनों ही मामलों की विवेचना बौरुमऊ चौकी इंचार्ज योगेश सिंह कर रहे थे।
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रामस्वरूप यादव की तरफ से दर्ज मुकदमे में नामजद जितेंद्र के भाई विजेंद्र से दरोगा ने दो आरोपियों का नाम हटाने को लेकर रुपये मांगे थे। विजेंद्र ने इस मामले में दरोगा की शिकायत एंटी करप्शन से की।
इस पर एक ट्रैपिंग टीम तैयार की गई। शुक्रवार को टीम और पीड़ित को चौकी प्रभारी से बातचीत कर रुपये देने के लिए भेजा गया।
चौकी के अंदर ही जैसे दारोगा ने पीड़ित से सात हजार रुपये अपने हाथ में पकड़े। उसी समय ट्रैपिंग टीम ने दरोगा योगेश सिंह को दबोच लिया। इस पर दरोगा माफी मांगने लगा। टीम दरोगा को लेकर जानकीपुरम थाने पहुंची और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
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एंटी करप्शन की टीम ने शुक्रवार को उसे रिश्वत लेते रंगे हाथ दबोच लिया। दरोगा के खिलाफ जानकीपुरम थाने में मुकदमा दर्ज कराया और उसे जानकीपुरम पुलिस के सुपुर्द कर दिया।
डीसीपी उत्तरी कासिम आब्दी के मुताबिक, दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। योगेश सिंह 2019 में मृतक आश्रित कोटे में भर्ती हुआ था।
एंटी करप्शन के डीआईजी राजीव मल्होत्रा के मुताबिक, सैरपुर थाने में 26 मार्च को जमीन को लेकर हुई मारपीट में टंटापुर गांव निवासी जितेंद्र ने नौ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था।
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वहीं, दूसरे पक्ष से रामस्वरूप यादव ने जितेंद्र सहित नौ के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कराया। दोनों ही मामलों की विवेचना बौरुमऊ चौकी इंचार्ज योगेश सिंह कर रहे थे।
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रामस्वरूप यादव की तरफ से दर्ज मुकदमे में नामजद जितेंद्र के भाई विजेंद्र से दरोगा ने दो आरोपियों का नाम हटाने को लेकर रुपये मांगे थे। विजेंद्र ने इस मामले में दरोगा की शिकायत एंटी करप्शन से की।
इस पर एक ट्रैपिंग टीम तैयार की गई। शुक्रवार को टीम और पीड़ित को चौकी प्रभारी से बातचीत कर रुपये देने के लिए भेजा गया।
चौकी के अंदर ही जैसे दारोगा ने पीड़ित से सात हजार रुपये अपने हाथ में पकड़े। उसी समय ट्रैपिंग टीम ने दरोगा योगेश सिंह को दबोच लिया। इस पर दरोगा माफी मांगने लगा। टीम दरोगा को लेकर जानकीपुरम थाने पहुंची और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।