दलित छात्रा की रेप के बाद हत्या, चेहरा जलाकर हरदोई में फेंकी लाश
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राजधानी पुलिस अगर वक्त पर चेत जाती तो एक बेटी को शायद और अपनी जान नहीं गंवानी पड़ती। ताजा मामला है दलित छात्रा की जो 4 जनवरी से लापता थी। पुलिस केस दर्ज कर छात्रा का पता लगाने के बजाय उसके परिवार को तीन दिन तक थाने का चक्कर लगवाती रही।
परिवार चीख-चीखकर बेटी के साथ अनहोनी की आशंका जताता रहा। आखिर दुष्कर्म के बाद उसे मार डाला गया। 6 जनवरी को हरदोई के संडीला इलाके में घनी बाग में उसकी अधजली लाश मिली।
8 जनवरी को परिवार ने जब बच्ची का शिनाख्त कर लिया तब राजधानी पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज की। पुलिस की लापरवाही उजागर होने पर डीआईजी ने थानेदार की फटकार लगाई और एसएसपी को सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
माल थाना क्षेत्र के एक महाविद्यालय में बीए प्रथम वर्ष की छात्रा 4 जनवरी की सुबह कॉलेज जाने के लिए घर से निकली। भाई ने गांव से कुछ दूर स्थित चौराहे पर उसे टैम्पो पर बैठाया और घर लौट गया।
छात्रा के शाम तक घर नहीं लौटने पर परिवारीजनों ने तलाश शुरू की। पता चला कि छात्रा को आए दिन तंग करने वाले गांव के ही इशाक को बाइक से टैम्पो का पीछा करते देखा गया था।
छात्रा को अगवा करके हत्या के मामले में पुलिस की लापरवाही की भनक लगने पर डीआईजी रेंज प्रवीम कुमार ने एसओ माल को फटकार लगाई। एसएसपी को कातिलों की जल्द गिरफ्तारी और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश दिए। इस पर एएसपी ग्रामीण प्रताप गोपेंद्र यादव, सीओ मलिहाबाद व क्राइम ब्रांच की टीम को लेकर मंगलवार देर शाम माल थाने पहुंचे।
खाकी ने दिखाया बदनामी का खौफ
छात्रा के माता-पिता अगले दिन थाने पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने लड़की के भाग जाने की बात कहते हुए उन्हें बदनामी का खौफ दिखाया और लौटने का इंतजार करने की बात कहकर लौटा दिया।
परिवारीजन गांव के प्रधान की मदद से बेटी की तलाश में जुटे थे। प्रधान ने रविवार को एक अखबार में हरदोई के संडीला थाने के गांव जवर अटरिया में युवती का अधजला शव मिलने की खबर पढ़ी।
हुलिया छात्रा से मेल खाता देख परिवारीजनों को साथ लेकर संडीला पहुंचे। माता-पिता के फोटो पहचाने जाने पर संडीला पुलिस उन्हें मॉर्च्युरी ले गई। बेटी का अधजला शव देखते ही मां बिलख उठी।
शव की शिनाख्त पर संडीला पुलिस ने माल थाने की पुलिस से संपर्क करने के साथ परिवारीजनों को प्रधान के साथ थाने भेजा। इस पर छात्रा की गुमशुदगी दर्ज हुई।
बेटी की मौत पर मां बिलख रही है। मां कहती है- इशाक पर अपहरण का अंदेशा जताया था। कार्रवाई की गुहार लगाती रही। पर पुलिस ने टरका दिया। अगर पुलिस हरकत में आती तो बेटी की जान बच सकती थी।
माता-पिता ने बताया कि इशाक काफी दिनों से उनकी बेटी के पीछे पड़ा था। घर में पत्नी के होने के बावजूद वह शादी का दबाव बना रहा था। 3 जनवरी को ही उसने धमकी दी थी कि किसी और से शादी होने पर वह बिटिया और उसके पति को मार डालेगा।
दर्ज हुआ हत्या-साक्ष्य मिटाने का केस
एसओ माल मुस्तकीम अहमद ने सफाई दी कि छात्रा की मां ने सोमवार को तहरीर दी। इस पर गुमशुदगी दर्ज करके छानबीन शुरू की गई। वहीं परिवारीजनों का आरोप है कि रविवार को दूसरी तहरीर लिखवाकर गुमशुदगी लिखी थी।
यह पुलिस की लापरवाही ही है कि इसके हाथ इशाक नहीं लगा। अलबत्ता पुलिस ने उसकी मां और पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसके अलावा चार अन्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है।
माता-पिता ने कहा कि पांच भाई-बहनों में सबसे बड़ी बेटी काफी होनहार थी। पढ़ाई के साथ घरेलू काम में भी हाथ बंटाती थी। इशाक द्वारा तंग किए जाने पर उसके लिए रिश्ते की तलाश में जुटे थे।
एसपी हरदोई राजीव मल्होत्रा ने बताया कि संडीला क्षेत्र स्थित एक बाग में शुक्रवार को युवती का अधजला शव मिला था। उसके गले पर दुपट्टे का फंदा कसा था। पुलिस ने हत्या व साक्ष्य मिटाने का केस दर्ज करके शव को मॉर्च्युरी भेजा गया और शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे थे।
उसकी सोमवार को शिनाख्त हुई। इस पर मंगलवार को डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमॉर्टम किया। शव अधजला होने की वजह से दुष्कर्म को लेकर डॉक्टरों ने स्पष्ट राय नहीं दी, बल्कि स्लाइड व स्वाब सुरक्षित किया गया है।