ठगों की करामातः डिप्टी एसपी के अकाउंट से उड़ाए 45 हजार
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डिप्टी एसपी संजीव दीक्षित के मोबाइल नंबर पर फोन कर साइबर हैकरों ने 45 हजार रुपये का चूना लगाया। मामला न खुलता अगर लाजपत नगर के एयरटेल आउटलेट कर्मियों को दरोगा पर शक नहीं हुआ होता।
ताबड़तोड़ मनी ट्रांसफर कराने से वह इन कर्मचारियों के शक में आ गया था। नजीराबाद थाने में घंटों माथापच्ची के बाद मामले की जांच क्राइम ब्रांच के साइबर सेल को सौंप दी गई है।
पीपीएस अधिकारी संजीव दीक्षित इन दिनों बिधनू थानाध्यक्ष के पद पर ट्रेनिंग कर रहे हैं। बात दोपहर लगभग 12 बजे की है। डिप्टी एसपी के मुताबिक उनके मोबाइल पर फोन आया।
रिसीव करने पर फोन करने वाले ने कहा कि ‘मैं एसएसपी, डीएम साहिबा साथ में हैं, तुरंत नौबस्ता आओ।’
मैंने जरूरी दबिश की बात कही और अपना मोबाइल एसआई संजय मौर्य को देते हुए कहा कि सर, जो कह रहे, सुनो और करो। दरोगा मोबाइल लेकर निकला और मैं फिर से अपने काम में लग गया।
‘फोन मत काटना, ट्रांसफर कराओ जल्दी’
इधर, एसआई संजय मौर्य मंझावन पुलिस चौकी पहुंचे। वहां से कांस्टेबल पंकज को साथ में लेकर पल्सर बाइक से नौबस्ता थाने के सामने डीडी टेलीकॉम पहुंचे।
दुकानदार दीपू दूबे ने बताया कि एसआई ने मुझसे पूछा कि एयरटेल मनी ट्रांसफर कराना है, हो जाएगा। हां करने पर एसआई ने 20 हजार रुपये की बात कही।
एक नंबर से एक दिन में केवल 10 हजार रुपया ट्रांसफर हो सकता है। मैंने 10हजार रुपये कर दिया। एसआई की दूसरे फोन पर बात चल रही थी। फोन करने वाले ने कहा कि फोन काटना नहीं, मनी ट्रांसफर जल्दी कराओ।
मैंने अपने डिस्ट्रीब्यूटर शशांक को बुलाया लेकिन उनके पास मनी नहीं थी। एसआई ने कहा कि मनी ट्रांसफर तुम्हीं को करना पड़ेगा, चाहे जैसे कराओ, दूसरे लाइन पर एसएसपी साहब हैं।
दीपू ने बताया कि कांस्टेबल पंकज चला गया। एसआई संजय मौर्य के साथ हम लाजपत नगर के अजमानी आउटलेट पर आ गए। यहां आउटलेट में एसआई ने एक-एक कर 35 हजार रुपये ट्रांसफर कराए।
पांच हजार रुपये और ट्रांसफर करने की बात कहने पर आउटलेट कर्मियों को शक हुआ। उन्होंने भुगतान मांगा तो एसआई ने कहा कि ट्रांसफर करो, भागा नहीं जा रहा हूं।
आउटलेट कर्मियों ने एसआई को घेरा
कर्मचारियों ने आईकार्ड मांगा तो एसआई संजय मौर्य आईकार्ड नहीं दिखा सके। इससे आउटलेट कर्मियों ने मालिक विजय अजमानी को फोन कर एसआई को घेर लिया।
इस पर एसआई से कर्मचारियों की तीखी नोकझोंक हुई। 100 नंबर पर कई बार फोन करने पर करीब आधा घंटा बाद नजीराबाद पुलिस आई।
दरोगा को थाने लाया गया। आउटलेट कर्मी भी थाने आ पहुंचे। यहां पता चला कि मामला टप्पेबाजी का है। डिप्टी एसपी संजीव दीक्षित भी नजीराबाद थाने पहुंचे और एसआई से बातचीत की।
नजीराबाद थानाध्यक्ष वीरेंद्र यादव ने बताया कि पांच नंबरों पर मनी ट्रांसफर हुआ है। मोबाइल नंबर झारखंड(यूपी वेस्ट) के हैं। बैंक खाते में आधे घंटे के भीतर रकम भी निकाल ली गई है।
क्राइम ब्रांच की साइबर सेल को जांच का काम सौंप दिया गया है। उधर एसपी ग्रामीण डॉ. अनिल मिश्र ने बताया कि एसआई को मनी ट्रांसफर कराने से पहले डिप्टी एसपी से राय लेनी चाहिए थी। उसने ऐसा क्यों किया, किसके दबाव में किया। जांच की जा रही है।