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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Criminals relatives win the election.

डकैत-माफिया की पत्नी-बहू-भाभी भी जीतीं प्रधानी चुनाव

Mon, 14 Dec 2015 02:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Mon, 14 Dec 2015 02:16 AM IST
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Criminals relatives win the election.

चित्रकूट में पूर्व डकैत खडग सिंह की पत्नी माया देवी चित्रकूट के मानिकपुर ब्लाक के मडैय्यन गांव से दोबारा प्रधान निर्वाचित हुई। पुलिस मुठभेड़ में मारे जा चुके डकैत चुन्नी पटेल के छोटे भाई की पत्नी उमा देवी भी चित्रकूट के सदर ब्लाक के घुरेटनपुर से प्रधानी का चुनाव जीत गई। चित्रकूट के ददरीमाफी से चुनाव लड़ी डकैत गौरी यादव की मां राजरानी चुनाव जीत गईं।

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मेरठ में कुख्यात माफिया योगेश भदौड़ा के मृत भाई प्रमोद की पत्नी कविता दूसरी बार प्रधान बनीं। कविता के सामने योगेश के दुश्मनों की बीवियां भी मैदान में थीं।
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मेरठ के ही परीक्षित गढ़ ब्लॉक के ग्राम आलमगीरपुर बढ़ला में कुख्यात चीकू बढ़ला की पत्नी अर्चना चौधरी ने जीत दर्ज की। रोहटा क्षेत्र के दबंग विजेंद्र जिंजाखर की पत्नी अंजय ने भी एक तरफा जीत दर्ज की।
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खुद को भी नहीं दिया वोट
बस्ती के बहादुरपुर ब्लॉक की गौसपुर पंचायत में चुनाव लड़ रहे प्रमोद कुमार को एक भी मत नहीं मिला है। यानी प्रमोद ने खुद को भी वोट नहीं दिया।

नहीं थमी हिंसा

Criminals relatives win the election.

नतीजों के बाद भी चुनावी हिंसा जारी रही। कई जगह फायरिंग हुई तो प्रत्याशियों पर कातिलाना हमले हुए। प्रतापगढ़ के कुंडा इलाके के सरैया प्रवेशपुर गांव में शनिवार रात पंचायत चुनाव की रंजिश में घर से बुलाकर सुरेंद्र गौतम (22) की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

बलिया के सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के चरवां-बरवां गांव निवासी प्रधान पद के हारे प्रत्याशी परदेशी मुसहर की पीट कर हत्या कर दी गई। आगरा के पिनाहट क्षेत्र के गांव सेरव में चुनाव हारे दो प्रत्याशियों के समर्थकों में जमकर पथराव और फायरिंग हुई।

फीरोजाबाद के जसराना क्षेत्र के गांव नवादा में भी जीतने और हारने वाले पर पथराव और फायरिंग हुई। लखीमपुर खीरी, गोरखपुर, देवरिया, संतकबीरनगर, कुशीनगर, देवरिया, जौनपुर, आजमगढ़, फतेहपुर में भी मारपीट और हंगामे हुए। श्रावस्ती के  इकौना थाना क्षेत्र के खरगौरा जनूब गांव में ग्राम प्रधान पद पर जीतीं शांति देवी के जुलूस के दौरान हर्ष फायरिंग में गांव के ही ठाकुर प्रसाद के बेटे नवनीत (12) की गोली लगने से मौत हो गई।

प्रधान पद की इसलिए है अह‌मियत

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सरकारी योजनाओं की रकम अब सीधे ग्राम पंचायतों को मिलती हैं। चालू वित्तीय साल में ही 14वें वित्त आयोग के 7155 करोड़, मनरेगा के लिए 4380 करोड़, राज्य वित्त आयोग के 2000 करोड़, स्वच्छ शौचालय के लिए 1532 करोड़ जैसे मदों में कुल 15757 करोड़ रुपये सीधे पंचायतों के खातों में पहुंच रहे हैं।
 
- मिड-डे-मील, छात्रवृत्ति व पेंशन और स्वजल धारा योजना की राशि भी पंचायतों में ही पहुंचती है।

- गरीबी उन्मूलन, ग्रामीण पेयजल, स्वच्छता, हाट, छात्रवृत्ति वितरण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली पर ग्राम प्रधान का सीधा अधिकार होता है।

- प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के काम का सत्यापन भी प्रधान करते हैं।

- सभी सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों के चयन में भी प्रधान की चलती है।

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