{"_id":"61c6b49efc26db418a0ea497","slug":"criminal-cases-against-45-mla-in-up-claim-of-adr-on-the-basis-of-affidavit-filed-in-2017","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"यूपी: 45 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले, सबसे ज्यादा भाजपा के, 2017 में दाखिल शपथ पत्र के आधार पर एडीआर का दावा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी: 45 विधायकों के खिलाफ आपराधिक मामले, सबसे ज्यादा भाजपा के, 2017 में दाखिल शपथ पत्र के आधार पर एडीआर का दावा
Sat, 25 Dec 2021 11:35 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 25 Dec 2021 11:35 AM IST
सार
एडीआर के मुख्य समन्वयक व संयोजक संजय सिंह ने बताया कि 2017 के विधानसभा चुनाव में दिए गए 396 विधायकों के शपथ पत्रों का विश्लेषण किया गया है। इनमें से 45 मौजूदा विधायकों पर हत्या, दुष्कर्म, डकैती, लूट, अपहरण, महिलाओं पर अत्याचार, रिश्वत, अनुचित प्रभाव, धर्म, नस्ल भाषा और जन्म स्थान के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता पैदा करने जैसे अपराध के मामले दर्ज हैं।
विज्ञापन
(प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म (एडीआर) और यूपी इलेक्शन वॉच के विश्लेषण में प्रदेश के 396 में से 45 विधायकों को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की विभिन्न धाराओं के तहत आने वाले अपराधों में आरोपी माना गया है। ये आरोप न्यायालय द्वारा तय किए गए हैं।
एडीआर के मुख्य समन्वयक व संयोजक संजय सिंह ने बताया कि 2017 के विधानसभा चुनाव में दिए गए 396 विधायकों के शपथ पत्रों का विश्लेषण किया गया है। इनमें से 45 मौजूदा विधायकों पर हत्या, दुष्कर्म, डकैती, लूट, अपहरण, महिलाओं पर अत्याचार, रिश्वत, अनुचित प्रभाव, धर्म, नस्ल भाषा और जन्म स्थान के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता पैदा करने जैसे अपराध के मामले दर्ज हैं।
इनमें से किसी भी अपराध का दोष सिद्ध होने की तिथि से ही विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित करने और उसकी रिहाई के अगले छह साल तक संबंधित को अयोग्य रखने का प्रावधान है।
विज्ञापन
सिंह ने बताया कि रिपोर्र्ट के मुताबिक सबसे अधिक 32 भाजपा विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं इसमें सपा के 5, बसपा व अपना दल (एस) के भी तीन-तीन विधायक शामिल हैं। इन पर दर्ज मामले औसतन 13 वर्षों से लंबित हैं।
विज्ञापन
एडीआर के मुख्य समन्वयक व संयोजक संजय सिंह ने बताया कि 2017 के विधानसभा चुनाव में दिए गए 396 विधायकों के शपथ पत्रों का विश्लेषण किया गया है। इनमें से 45 मौजूदा विधायकों पर हत्या, दुष्कर्म, डकैती, लूट, अपहरण, महिलाओं पर अत्याचार, रिश्वत, अनुचित प्रभाव, धर्म, नस्ल भाषा और जन्म स्थान के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता पैदा करने जैसे अपराध के मामले दर्ज हैं।
विज्ञापन
इनमें से किसी भी अपराध का दोष सिद्ध होने की तिथि से ही विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य घोषित करने और उसकी रिहाई के अगले छह साल तक संबंधित को अयोग्य रखने का प्रावधान है।
विज्ञापन
सिंह ने बताया कि रिपोर्र्ट के मुताबिक सबसे अधिक 32 भाजपा विधायकों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं इसमें सपा के 5, बसपा व अपना दल (एस) के भी तीन-तीन विधायक शामिल हैं। इन पर दर्ज मामले औसतन 13 वर्षों से लंबित हैं।
अपराधियों को टिकट नहीं देगी बसपा
विधानसभा चुनाव में बसपा आपराधिक प्रवृत्ति वाले लोगों को टिकट नहीं देगी। बसपा सुप्रीमो मायावती ने सभी मुख्य जोन इंचार्जों व जिलाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि उम्मीदवारों से यह शपथ पत्र लिया जाए कि उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।
चुनाव तैयारियों को लेकर बसपा सुप्रीमो लगातार पदाधिकारियों की बैठक ले रही हैं। इसमें सबसे ज्यादा फोकस उम्मीदवारों की छवि पर किया गया है। मायावती ने कहा है कि हत्या, अपहरण, महिला उत्पीड़न, बवाल या अन्य जघन्य अपराध के आरोपी किसी व्यक्ति को टिकट न दिया जाए।
हर उम्मीदवार के बारे में अच्छी तरह पड़ताल कर ली जाए। मायावती ने कहा कि कुछ लोगों पर मुकदमे हो जाते हैं पर वे उनमें दोष मुक्त हो चुके होते हैं या फिर उनके बारे में तमाम तरह की चर्चाएं रहती हैं। ऐसे उम्मीदवारों से शपथपत्र लेना जरूरी कि वे किसी आपराधिक गतिविधि में लिप्त नहीं हैं और न ही उन पर कोई आपराधिक मामला दर्ज है।
एक सीट पर तीन का औसत
मायावती ने कहा कि प्रत्येक विधानसभा सीट पर टिकट के लिए कम से कम तीन आवेदकों का औसत रखें। उनमें जो भी सबसे बेहतर हो उसे टिकट दिया जाएगा। बसपा काडर का वोट तो उसे मिलेगा ही पर उसके पास इसके अलावा कितना वोट है, इस पर गंभीरता से अध्ययन किया जाए।
चुनाव तैयारियों को लेकर बसपा सुप्रीमो लगातार पदाधिकारियों की बैठक ले रही हैं। इसमें सबसे ज्यादा फोकस उम्मीदवारों की छवि पर किया गया है। मायावती ने कहा है कि हत्या, अपहरण, महिला उत्पीड़न, बवाल या अन्य जघन्य अपराध के आरोपी किसी व्यक्ति को टिकट न दिया जाए।
हर उम्मीदवार के बारे में अच्छी तरह पड़ताल कर ली जाए। मायावती ने कहा कि कुछ लोगों पर मुकदमे हो जाते हैं पर वे उनमें दोष मुक्त हो चुके होते हैं या फिर उनके बारे में तमाम तरह की चर्चाएं रहती हैं। ऐसे उम्मीदवारों से शपथपत्र लेना जरूरी कि वे किसी आपराधिक गतिविधि में लिप्त नहीं हैं और न ही उन पर कोई आपराधिक मामला दर्ज है।
एक सीट पर तीन का औसत
मायावती ने कहा कि प्रत्येक विधानसभा सीट पर टिकट के लिए कम से कम तीन आवेदकों का औसत रखें। उनमें जो भी सबसे बेहतर हो उसे टिकट दिया जाएगा। बसपा काडर का वोट तो उसे मिलेगा ही पर उसके पास इसके अलावा कितना वोट है, इस पर गंभीरता से अध्ययन किया जाए।