प्रेमी ने लगाई फांसी, खबर सुनकर प्रेमिका ने लगा ली आग, मौत
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मोहनलालगंज के फत्तेखेड़ा गांव में बृहस्पतिवार दोपहर दर्दनाक घटना ने कोहराम मचा दिया। प्यार में धोखे की बात कहते हुए निजी वाहन चलाने वाले अरविंद यादव (20) ने आम के पेड़ से लटककर जान दे दी।
उसकी मौत की खबर गांव में पहुंची तो पड़ोस में रहने वाली मनीषा (18) ने खुद को घर में बंद कर शरीर पर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली। प्रेमी युगल की मौत का पता चलते ही आसपास के गांव के लोग जमा हो गए।
अरविंद के कपड़ों की तलाशी में सुसाइड नोट मिला है। अरविंद मूलरूप से उन्नाव के पुरवा का रहने वाला था। उसके पिता सुरेंद्र कुमार यादव किसान हैं। वह मात्र डेढ़ साल का था, तभी मां राधा की मौत हो गई थी।
मौसी पुष्पा और मौसा ननकऊ उसे अपने साथ ले आए और बेटे की तरह पाला। आठवीं तक पढ़ाई के बाद अरविंद टैंपो व निजी कारें चलाने लगा। तीन दिन पहले ही उसने एक आईएएस अधिकारी के यहां ड्राइवर की नौकरी शुरू की थी।
आम के पेड़ से लटकता मिला शव तो मचा हड़कंप
बृहस्पतिवार सुबह वह 10 बजे ड्यूटी पर जाने की बात कहकर निकला और गांव के बाहर ही मौसा के भाई किशनपाल के खेत पर रुक गया। दोपहर वहीं बिताई। किशनपाल जानवर चराने चले गए।
करीब चार बजे कुछ चरवाहे आए तो पास ही आम के पेड़ से अरविंद का शव लटकता देख हड़कंप मच गया। चरवाहों ने परिवारीजनों को सूचना दी। मौसी पुष्पा और अन्य लोग रोते-पीटते हुए मौके पर पहुंच गए।
मोहनलालगंज पुलिस भी आ गई। प्रेमी युगल की मौत आसपास के गांव में फैल गई। पुलिस ने दोनों शव का पंचनामा कराकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं।
अरविंद के कपड़ों की तलाशी में हरे रंग के स्केच पेन से लिखा सुसाइड नोट मिला जिसमें उसने प्यार में धोखा मिलने का जिक्र किया है।
लपटों से घिरी मनीषा को देख उड़े होश
गांव के सभी लोग अपना काम छोड़कर अरविंद का शव देखने आ गए। महिलाएं घरों के बाहर एकत्र होकर बातचीत कर रही थीं तभी मनीषा भी अपनी दादी जमुनादेई के साथ आ गई। अरविंद की मौत का पता चलते ही वह घर चली गई और दरवाजा भीतर से बंद कर लिया।
कुछ देर बाद धुआं उठने पर महिलाएं शोर मचाने लगीं। दरवाजे को धक्का देकर महिलाएं आंगन में पहुंची तो नजारा देखकर होश उड़ गए। आंगन के बीचों-बीच मनीषा लपटों में घिरी चीख रही थी। किसी तरह आग बुझाकर बुरी तरह से झुलसी हालत में मनीषा को अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
सुबह से ही परेशान था अरविंद, ड्यूटी पर भी नहीं गया
अरविंद सुबह से ही कुछ परेशान था। वह किसी उधेड़बुन में लगा था। घर से ड्यूटी पर जाने की बात कहकर निकला लेकिन पहुंचा नहीं। रास्ते में उसे गांव का ही लवकुश मिला।
उसके पूछने पर अरविंद ने कहा कि ड्यूटी पर जाने का मन नहीं है। लवकुश ने उसे परेशान देखकर बहलाने की कोशिश की लेकिन वह बिना कुछ कहे-सुने चला गया।
सुसाइट नोट में लिखा.., उसने मुझे धोखा दिया इसलिए मैंने जान दे दी
अरविंद ने सुसाइड नोट में अपने दिल का हाल बयां किया है। उसने प्रेमिका का जिक्र किए बगैर लिखा कि मैं किसी से प्यार करता था। उसने मुझे धोखा दिया इसलिए मैंने जान दे दी। इसमें और किसी का दोष नहीं है। मेरे प्यार को मेरा संदेश।
मैं तुमसे बहुत प्यार करता था और करता रहूंगा। मुझे माफ करना अगर कोई गलती हो गई हो। तुम्हारा अरविंद यादव।
अंत में उसने स्केच पेन की स्याही से ही अंगूठे का निशान लगाया है। अरविंद के साथियों ने बताया कि दोनों के बीच करीब दो साल से प्रेम संबंध थे। मनीषा के पिता हज्जाम हैं। घर पर तीन भाई और एक छोटी बहन है।