बच्चों से अश्लील हरकतें करता था शिक्षक, स्कूल जाने से इन्कार करने पर सामने आई सच्चाई, हंगामा
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लखनऊ के एक और स्कूल में बुधवार को शर्मसार करती घटना सामने आई। मामला मड़ियांव के लॉयल पब्लिक इंटर कॉलेज का है। कॉलेज का ही एक अंग्रेजी टीचर क्लास में बच्चों को पढ़ाने के बजाय कई दिनों से उनके साथ अश्लील हरकतें कर रहा था।
घबराए बच्चों ने जब स्कूल जाने से इन्कार किया तो अभिभावकों ने पूछताछ शुरू की और मामला सामने आया। पुलिस ने प्रबंधक को हिरासत में लेने के साथ ही संगीन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया है।
बढ़ती उम्र का भी लिहाज नहीं, कर डाली ऐसी घिनौनी हरकत
58 वर्षीय आरोपी राकेश कुमार गौरी भीट स्थित लॉयल पब्लिक इंटर कॉलेज में अंग्रेजी पढ़ाता है। इंस्पेक्टर मड़ियांव अमरनाथ वर्मा ने बताया कि वह कई दिनों से सात से नौ वर्ष के बच्चों को पढ़ाने के दौरान अश्लील हरकतें कर रहा था। बच्चों ने शर्म के चलते किसी से नहीं कहा। बच्चों की चुप्पी के कारण, उसकी हिम्मत बढ़ती गई। छेड़खानी से वह अश्लील हरकतों पर उतर आया।
बात बर्दाश्त से बाहर होने पर तीन छात्राओं व एक छात्र ने बुधवार सुबह स्कूल जाने से इन्कार किया। परिवारीजनों ने इसे बच्चों का बहाना मान उन्हें डांटा, तब सच सामने आया। बच्चों ने बताया कि करीब हफ्ते भर से यह चल रहा था।
शिकायत झुठलाने की कोशिश पर गुस्साएं अभिभावक
चारों बच्चों को लेकर अभिभावक शिकायत करने पहुंचे। आरोप है कि प्रबंधक ने शिक्षक को बुजुर्ग बताकर बच्चों की शिकायत झुठलाने की कोशिश की। इससे भड़के अभिभावकों ने हंगामा शुरू कर दिया। बच्चों को छोड़ने आए अन्य अभिभावक भी एकत्र हो गए। पुलिस को कॉल की।
पुलिस ने अभिभावकों की तरफ से शीलभंग व पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज करके आरोपी राकेश कुमार को गिरफ्तार और प्रबंधक जुबैर खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उन्हें देर शाम छोड़ दिया गया।
प्रबंधक की सफाई, नौकरी से निकाल दिया
हिरासत में लिए गए लॉयल इंटर कॉलेज के प्रबंधक जुबैर खान ने पुलिस को बताया कि अभिभावकों की शिकायत पर शिक्षक राकेश कुमार को नौकरी से निकाल दिया है।
शिक्षक ने कहा, सभी को अपने बच्चों की तरह मानता हूं
सीतापुर के मानपुर थाना क्षेत्र के मूलनिवासी शिक्षक राकेश कुमार ने खुद को बेकुसूर बताते हुए कहा कि 30 साल से टीचर हैं। तबीयत खराब चल रही है। छात्र-छात्राओं को अपने बच्चों की तरह मानते हैं। किसी से छेड़खानी नहीं की। बच्चियों से सामना होते ही चुप्पी साध ली।