{"_id":"612a1a05cfe7967e2022513d","slug":"sipahi-sent-to-jail-in-attempt-of-rape-case-in-lucknow","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ: दुराचार की कोशिश के दोषी सिपाही को कैद, 15 हजार रुपये जुर्माना","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
लखनऊ: दुराचार की कोशिश के दोषी सिपाही को कैद, 15 हजार रुपये जुर्माना
Sat, 28 Aug 2021 04:42 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 28 Aug 2021 04:42 PM IST
सार
कोर्ट में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पंकज श्रीवास्तव एवं अरुण कुमार पांडे और वादिनी के विशेष अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह चौहान का तर्क था कि मामले की रिपोर्ट पीड़िता ने 31 मार्च 2014 को आलमबाग थाने में दर्ज कराई गई थी।
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अपनी रिश्तेदार के साथ दुराचार की कोशिश और उसकी लज्जा भंग करने के दोषी वायरलेस विभाग के सिपाही रंजीत सिंह को कोर्ट ने पांच साल की कैद और 15 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। फास्ट ट्रैक कोर्ट के एडीजे डॉ. अवनीश कुमार ने पीड़िता को प्रतिकर के रूप में जुर्माने की संपूर्ण राशि देने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
कोर्ट में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पंकज श्रीवास्तव एवं अरुण कुमार पांडे और वादिनी के विशेष अधिवक्ता विजय प्रताप सिंह चौहान का तर्क था कि मामले की रिपोर्ट पीड़िता ने 31 मार्च 2014 को आलमबाग थाने में दर्ज कराई गई थी। इसमें बताया गया कि 23 मार्च 2014 को दोपहर एक बजे वह अपने कमरे में सो रही थी।
विज्ञापन
इस बीच उसके रिश्तेदार रंजीत सिंह आए और दुराचार की कोशिश की साथ ही उसकी मानवीय गरिमा का हनन करते हुए न केवल ठेस पहुंचाया बल्कि लज्जा भंग किया।
यह भी आरोप लगाया गया कि उसको अपने रिश्तेदार से जानमाल का खतरा है। वह उसकी पढ़ाई-परीक्षा में व्यवधान डालेगा। इस पर कोर्ट ने दोषी को सजा सुनाई।