फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   shame on police

‘मुझे इस गंदगी में नहीं करनी है नौकरी’

Mon, 06 Jan 2014 09:36 AM IST
अनिल त्रिपाठी/लखनऊ
अनिल त्रिपाठी/लखनऊ Updated Mon, 06 Jan 2014 09:36 AM IST
विज्ञापन
shame on police

विभूतिखंड एसओ पंकज कुमार सिंह पर अश्लील क्लीपिंग दिखाने का आरोप लगाने वाली महिला सिपाही ने इस्तीफा दे दिया है।

विज्ञापन


डीआईजी रेंज और एसएसपी पर पूरे मामले को नजर अंदाज करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुझे इस गंदगी में नौकरी नहीं करनी है।

महिला सिपाही के आरोप के बाद डीआईजी व एसएसपी ने चुप्पी साध ली है। वहीं आईजी (लॉ एंड आर्डर) ने उसे कार्रवाई का भरोसा दिया है।

महिला सिपाही ने फेसबुक प्रोफाइल पर एक पोस्ट डालकर एसओ विभूतिखंड पर अश्लीलता करने और जबरन उसका ट्रांसफर कराने की बात पोस्ट की थी।

खबर मीडिया में जाने के बाद पुलिस महकमे में सनसनी फैल गई थी। महिला सिपाही ने एसएसपी को फैक्स से इस्तीफा भेज दिया है।

सिपाही का आरोप है कि एसएसपी और डीआईजी इस मामले में आरोपी को सजा देने बजाय उसकी वकालत में जुटे हैं।

महिला सिपाही ने कहा कि मैंने तय कर लिया है कि मुझे इस गंदगी में नौकरी नहीं करनी है। इस के बाद डीआईजी रेंज व एसएसपी ने चुप्पी साध ली है।

एएसपी ट्रांसगोमती हबीबुल हसन ने तो महिला कांस्टेबल के आरोपों को ही निराधार बताया है। उनका कहना है कि सिपाही ने डीआईजी और एसएसपी से शिकायत नहीं की।

उसने अपनी शिकायत फेसबुक पर पोस्ट किया। जो महकमे में अनुशासनहीनता के दायरे में आता है। सिपाही का आरोप है कि विभूति खंड थाने में करप्शन व अश्लीलता चरम पर है।

उसने बताया कि एसएसपी ने एसएमएस को संज्ञान में लेकर क्राइम मीटिंग में एसओ को फटकार लगाई। मगर एसओ के माफी मांगने पर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।

एसओ को बचाने की कवायद

सूत्रों के मुताबिक एसओ विभूति खंड को बचाने के लिए एक आईपीएस अफसर ने पूरी ताकत झोंक दी है। उसने अफसरों पर कार्रवाई न करने का भी दबाव बना रखा है। बताया जा रहा है कि एसओ विभूति खंड दिन भर उन्हीं की चाकरी में लगे रहते हैं।
विज्ञापन


सूत्र के मुताबिक एसएसपी के पास एक महिला कांस्टेबल को भेजना उसी साजिश का हिस्सा है। मगर बाद में मामला तूल पकड़ने पर आईपीएस अफसर ने किनारा करना शुरू कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed