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यूपी: अपराधियों से भी घिनौना खाकी का खेल, एसओ समेत सात सस्पेंड

Sat, 25 Jun 2016 01:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 25 Jun 2016 01:28 AM IST
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 Seven police men suspended in para police station.

राजधानी के पारा थाने की पुलिस ने हाईस्कूल छात्रा से गैंगरेप के आरोपी को बचाने के लिए ऐसा घिनौना और शर्मनाक खेल किया कि शातिर अपराधी भी शर्मसार हो जाएं। पुलिस ने गैंगरेप की पीड़िता और उसके परिवारीजनों सहित छह लोगों को लूट के फर्जी मामले में जेल भेज दिया।

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पीड़िता की शिकायत पर डीजीपी ने जांच कराई तो पुलिस के इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। एसएसपी मंजिल सैनी ने पारा एसओ अशोक यादव सहित सात पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही आईजी जोन ए. सतीश गणेश से सभी पुलिसकर्मियों को तत्काल गैर जनपद रवाना करने की संस्तुति की है।
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एसएसपी ने बताया कि अक्तूबर 2010 में छात्रा के पिता ने पूर्वीदीनखेड़ा निवासी मुन्ना व उसके दोस्त प्रिंस के खिलाफ बेटी से गैंगरेप की एफआईआर दर्ज कराई थी। मुन्ना प्रॉपर्टी का काम करने वाले चुन्नीखेड़ा निवासी शिवकुमार यादव का रिश्तेदार है। एफआईआर दर्ज होने से दोनों पक्षों के बीच रंजिश शुरू हो गई।

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होली में जबरन रंग लगाया और की अश्लील हरकतें

 Seven police men suspended in para police station.
demo pic

बीती 23 मार्च को होली के दिन पीड़िता का चचेरा भाई अपने दोस्त के साथ इनोवा कार लेकर घर आया था। सभी होली खेल रहे थे कि शिवकुमार व मॉडल सिटी निवासी उसका साझेदार दीपक यादव व तीन-चार अन्य लोग कार से वहां आ गए और जबरन पीड़िता व उसकी बहन को रंग लगाने लगे। विरोध करने पर अश्लील हरकतें व छेड़छाड़ की।

मोहल्ले के लोग एकत्र हुए तो दबंगों ने हवाई फायर करते हुए पुलिस बुला ली। पारा पुलिस गैंगरेप पीड़िता, उसकी मां, बड़ी बहन, चचेरे भाई व चचेरे भाई के दोस्त को पकड़कर थाना ले गई और शिवकुमार की तरफ से लूट का फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया।

पीड़िता का चचेरा भाई इनोवा कार का ड्राइवर था। पुलिस ने कार जब्त कर ली तो कार की मालकिन थाने पहुंची। पुलिस ने लूट के मुकदमे में उसका नाम भी शामिल कर लिया। सभी छह लोगों को जेल भेज दिया गया।

इनके खिलाफ कार्रवाई

 Seven police men suspended in para police station.
demo pic

29 अप्रैल को पीड़िता और उसकी मां को जमानत मिल गई। जेल से बाहर आते ही पीड़िता ने डीजीपी से इस प्रकरण की शिकायत की। डीजीपी ने आईजी लोक शिकायत को जांच के निर्देश दिए।

सब इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने जांच के बाद पारा थाने के एसओ अशोक यादव, लूट के फर्जी मुकदमे की विवेचना कर रहे एसएसआई राम स्वास्थ यादव, सब इंस्पेक्टर बलजीत यादव, शिवशंकर सिंह, नारायण कुशवाहा, कांस्टेबल योगेंद्र सिंह यादव और आलमबाग कोतवाली की महिला कांस्टेबल छोटी बिट्टी को दोषी पाते हुए कार्रवाई की संस्तुति की।

दीपक और शिवकुमार सपा नेता
मुन्ना का रिश्तेदार व उसके साझेदार दीपक के सत्तारूढ़ पार्टी से ताल्लुकात हैं। शिवकुमार को पश्चिम विधानसभा क्षेत्र का सचिव, वहीं दीपक को समाजवादी पार्टी का जिला महासचिव बताया जा रहा है।

पीड़िता ने दर्ज कराया मुकदमा
एसएसपी ने बताया कि सातों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर एएसपी क्राइम को उनकी विभागीय जांच सौंपी गई है। पीड़िता की तरफ से शिवकुमार और दीपक के खिलाफ पारा थाने में मारपीट, गाली-गलौज, अश्लील हरकतें, घर में जबरन घुसने, अपहरण सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। पारा थाना में दर्ज लूट की फर्जी एफआईआर की विवेचना अन्य जनपद की पुलिस से कराने और सभी दोषी पुलिसकर्मियों को गैर जनपद रवाना करने के लिए आईजी जोन से अनुरोध किया गया है।

खुद को बचाने के लिए दरोगा के खिलाफ लिखा दी फर्जी रिपोर्ट

 Seven police men suspended in para police station.
अशोक यादव - फोटो : amar ujala

इस प्रकरण की जांच रिपोर्ट 19 जून को एसएसपी को मिली थी। बृहस्पतिवार रात एसएसपी ने एसओ अशोक यादव सहित सात पुलिसकर्मियों का निलंबन आदेश बनाने के निर्देश दिए।

सूत्रों ने बताया कि एसएसपी के बंगले से ही किसी ने निलंबन की कार्रवाई के बारे में पारा एसओ को जानकारी दे दी। रात को ही आनन-फानन में एसओ ने दीपक को बुलवाया और डीजीपी ऑफिस से जांच करने आए दरोगा संतोष कुमार सिंह के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज करा दी।

दीपक की तरफ से दर्ज एफआईआर में कहा गया है कि दरोगा मामला रफा-दफा करने के एक लाख रुपये मांग रहा था। इसमें से 40,000 रुपये उसने दे भी दिए थे। दरोगा के खिलाफ रिश्वत मांगने से संबधित एफआईआर की सूचना आलमबाग सीओ को दी गई न ही एएसपी पूर्वी सहित अन्य अधिकारियों को बताया गया।

एसएसपी का मानना है कि यह एफआईआर पेशबंदी में की गई है। सीओ आलमबाग विमल श्रीवास्तव को एफआईआर व पूर्व एसओ अशोक यादव के षड्यंत्र की जांच के निर्देश दिए गए हैं।

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