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पंतग को लेकर पुराने लखनऊ में दंगे के हालात

Thu, 16 Jan 2014 10:48 AM IST
संजय त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
संजय त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 16 Jan 2014 10:48 AM IST
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Riot fears

मदहे सहाबा का जुलूस खत्म होने पर पुलिस व अर्धसैनिक बलों को मंगलवार देर शाम बसपा रैली में ड्यूटी के लिए रवाना किया ही गया था कि ठाकुरगंज में दो पक्ष भिड़ गए।

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पतंग कटने को लेकर शुरू हुआ झगड़ा दो पक्षों में नारेबाजी और पथराव में तब्दील हो गया। हालात बिगड़ने की भनक लगते ही पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने शरारती तत्वों पर डंडा चलाकर माहौल शांत कर लिया
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एक पक्ष ने पुलिस पर पक्षपात व उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए बुधवार को प्रदर्शन का प्रयास किया। ठाकुरंगज के घासमंडी स्थित नानकनगर पुलिया पर पतंग कटने को लेकर दो पक्षों के युवकों में नोकझोंक शुरू हो गई।
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शरारती तत्वों ने तूल देने के इरादे से शोर मचाया और नारेबाजी करने लगे। एक पक्ष के उग्र लोगों ने पथराव किया तो दूसरी तरफ से मोर्चा संभालने के साथ पुलिस को फोन कर दिया गया।

थोड़ी देर में एसओ ठाकुरगंज शशिकांत यादव तमाम पुलिस व आरएएफ को लेकर पहुंच गए। डंडा फटकारते ही भीड़ छंटनी शुरू हो गई लेकिन शरारती तत्व नारेबाजी के साथ माहौल बिगाड़ने में जुटे रहे।

पुलिस ने उन पर जमकर लाठी भांजी। कड़ी कार्रवाई से माहौल शांत हो गया लेकिन एक पक्ष के लोग गुपचुप तरीके से तैयारी में जुटे रहे। उन्होंने बुधवार सुबह मुफ्तीगंज में अपने पक्ष के लोगों को एकत्र करके नारेबाजी की।

इसके साथ ही पुलिस पर पक्षपात व उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए ठाकुरगंज थाने के घेराव का ऐलान किया। हालांकि,पुलिस व आरएएफ के जवानों का घेरा कसते ही घरों में दुबक गए।

इसके बाद अपने पक्ष के कद्दावर लोगों को फोन कर पुलिस की ज्यादती की जानकारी दी। आरोप लगाया कि पुलिस ने मंगलवार रात दो घरों में घुसकर परेशान किया। तमाम प्रयास के बाद भी समर्थन न मिलने पर थाने के घेराव की कोशिश नाकाम हो गई।


एसओ ठाकुरगंज ने बताया कि नानकनगर पुलिया व मुफ्तीगंज में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे शरारती तत्वों को खदेड़ दिया गया था। हालात सामान्य हैं। कुछ लोगों को चिह्नित कर नजर रखी जा रही है।

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