मासूम ने पहचानी ‘सर’ व ‘मैम’ की फोटो!
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स्कूल में दुष्कर्म की शिकार नर्सरी की छात्रा ने मंगलवार को फोटो देखने के बाद एक ‘सर’ व ‘मैम’ को पहचाना। इस पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की।
लेकिन वारदात के दिन शहर के बाहर होने के चलते क्लीनचिट देते हुए छोड़ना पड़ा। उधर, पुलिस ने स्कूल के सीनियर छात्र व कर्मचारियों समेत छह पर शिकंजा कसा है।
पुलिस बच्ची को स्कूल लाने ले जाने वाले आर्मी बस के चालक, कंडक्टर व हेल्पर से भी पूछताछ कर रही है। इस बीच तीन दिन बीतने के बावजूद दुष्कर्मी पकड़ से बाहर है।
सीओ कैंट बबिता सिंह के मुताबिक 8 सितंबर को कैंट थाना क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज में नर्सरी की मासूम छात्रा के साथ दुष्कर्म हुआ था। सीओ ने शक के आधार पर स्कूल के 45 कर्मचारियों के स्टाफ की शिनाख्त परेड कराई।
हालांकि मासूम ने किसी को नहीं पहचाना। पुलिस की नजर एक सिपाही के बेटे व स्कूल के सीनियर स्टूडेंट पर है। मगर, बच्ची ने पहचानने से इन्कार कर दिया।
उधर, सर व मैम के गलत हरकत करने की जानकारी पर पुलिस ने शिनाख्त परेड के दिन अनुपस्थित रहे दोनों की फोटो दिखाई। बच्ची ने पहचानने की बात कही। इस पर पुलिस ने दोनों को दबोच लिया।
लेकिन तफ्तीश में वारदात के दिन दोनों के शहर से बाहर होने की जानकारी पर क्लीनचिट दे दी गई। उधर, सीओ कैंट ने कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की बात कहते हुए आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।
वहीं, वारदात से परिवार उबर नहीं पा रहा। मासूम के भविष्य को लेकर सहमी मां ने स्कूल छुड़वाने का मन बना लिया है।
सीएमओ को लिखा पत्र
सीओ कैंट के मुताबिक, मेडिकल रिपोर्ट स्पष्ट न होने के चलते सरकारी मेडिकल रिपोर्ट और कमांड हास्पिटल की मेडिकल रिपोर्ट संलग्न कर सीएमओ को पत्र लिखा गया है। इसमें मेडिकल बोर्ड गठित कर दोनों रिपोर्ट के आधार पर बच्ची की मेडिकल परीक्षण में स्पष्ट मत देने को कहा गया है।टीचर बोली-काश! समझ पाती बच्ची की बात
सीसीटीवी में एक घंटे की फुटेज गायब
स्कूल प्रबंधन सीसीटीवी फुटेज होने का दावा तो कर रही है। मगर, फुटेज में एक घंटे 11 से 12 बजे तक की फुटेज गायब है। स्कूल प्रबंधन का तर्क है कि, सीसीटवी कैमरे यूपीएस से न जोड़कर मैनुअल कनेक्शन है जिससे बिजली की सप्लाई ठप होने पर सीसीटीवी कैमरे का संचालन ठप हो जाता है।
हिंदी नहीं जानती मासूम
दुष्कर्म की शिकार मासूम छात्रा दीक्षा हिंदी नहीं बोल पाती। दीक्षा मराठी भाषा का ही प्रयोग करती है जिसके चलते पुलिस को बयान लेने में भी दिक्कत हो रही है।
बच्ची के मराठी भाषा के बयान को उसके माता-पिता अनुवाद कर पुलिस को बता रहे हैं। घर वालों का कहना है कि साढ़े तीन वर्ष की मासूम बच्ची क्या बता पाएगी? फिर, वह बुरी तरह डरी हुई है।