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'राहुल ने सुसाइड नहीं किया, स्कूल कुछ छिपा रहा है'

Sun, 12 Apr 2015 03:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sun, 12 Apr 2015 03:21 AM IST
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Rahul Sridhars brother said it was not suicide.

ला-मार्टीनियर स्कूल के छात्र राहुल श्रीधर (15) के बड़े भाई रोहित ने कहा कि वो सुसाइड नहीं कर सकता। शनिवार को लखनऊ पहुंचे रोहित ने प्रिंसिपल कार्लाइल मैकफरलैंड की आत्महत्या की थ्योरी पर कई सवाल उठाए।

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यह भी आशंका जताई कि स्कूल के भीतर जरूर कुछ ऐसा हुआ है जिसे छिपाया जा रहा है। किसी को बचाने की कोशिश हो रही है। प्रिंसिपल ने हादसे के चंद घंटे बाद ही बिना जांच-पड़ताल के इसे आत्महत्या घोषित कर दिया।
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ये सवाल उठाए रोहित ने

परिवार को बताने में क्यों लगा एक घंटा:
श्रीधर के परिवार से जुड़े सहकर्मी डॉ. मारिया दास ने कहा कि राहुल की मौत की सूचना हमें देने में स्कूल प्रशासन ने एक घंटे क्यों लगाए। हमसे पहले कहा-राहुल गंभीर है, सिविल अस्पताल में भर्ती है। वहां पहुंचे तो राहुल नहीं मिला।
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मां अनम्मा ने फोन किया तो उन्हें ट्रॉमा सेंटर जाने को कहा गया। राहुल वहां भी नहीं मिला। दोबारा फोन किया तो फिर सिविल अस्पताल बुलाया। वहां पहुंचे तब तक शव पोस्टमार्टम हाउस भेजा जा चुका है। क्या स्कूल कोई कहानी गढ़ रहा था।

क्यों बंद कराए टीचर्स-स्टाफ के मोबाइल

Rahul Sridhars brother said it was not suicide.

रोहित ने कहा- हादसे के बाद प्रिंसिपल सहित सभी स्टाफ के मोबाइल चंद मिनट के लिए बंद हो गए थे। मैंने कई टीचर्स से बात करनी चाही, पर नहीं हो पाई।

कुछ देर बाद मोबाइल ऑन हो गए। ठीक इसके बाद प्रिंसिपल ने आत्महत्या करने की बात कही। कहीं मोबाइल इसलिए तो बंद नहीं कराए थे कि टीचर्स और स्टाफ को ब्रीफिंग की जा सके। सभी एक ही कहानी बताएं।

सौ फुट से गिरा और मौके पर खून नहीं

राहुल सौ फुट ऊंचे कांस्टेंशिया मान्यूमेंट से गिरा और जमीन पर खून की चंद बूंदे ही मिलीं। वो सिर के बल गिरा तो  सिर फट जाना चाहिए था। शरीर के भीतरी अंगों की दशा भी बिगड़ जाती, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका जिक्र नहीं किया गया।

सुसाइड नोट की राइटिंग क्यों नहीं मिलाई

सुसाइड नोट की राइटिंग राहुल की लिखावट से क्यों नहीं मिलाई गई। सुसाइड नोट और राहुल की राइटिंग में काफी अंतर है। कहीं ऐसा तो नहीं कि सुसाइड नोट बाद में बैग में रखा गया। इसकी की फॉरेंसिक जांच हो।

लॉक रहती है छत तो वहां कैसे पहुंचा राहुल

Rahul Sridhars brother said it was not suicide.

कांस्टेंशिया मान्यूमेंट की जिस छत से राहुल के छलांग लगाने की बात कही जा रही है, वहां लॉक लगा रहता है। इसके बाद भी राहुल वहां कैसे पहुंच गया? किसी की नजर उस पर नहीं पड़ी।

क्यों नहीं लगे सीसीटीवी कैमरे: अगर स्कूल में सबकुछ ठीक चलता है तो वहां सीसीटीवी कैमरे क्यों नहीं लगवाए गए? सीसीटीवी कैमरे न होने से स्टूडेंट्स, टीचर्स व स्टाफ मनमानी करता है।

तनाव में नहीं रहता था राहुल

राहुल के घर पर एकत्रित पड़ोसियों और परिचितों का कहना है कि वह तनाव नहीं लेता था। एवरेज स्टूडेंड था इसलिए रिजल्ट की फिक्र नहीं करता था। पिता उसे पढ़ाई के लिए टोकते थे लेकिन उसने नाराज होने या घर छोड़ने की हरकत नहीं की।

घर पर उसे हर तरह की सुविधाएं मिली थीं। राहुल जहां चाहता था आता-जाता था। उस पर कोई बंदिश नहीं थी।

बोर्डर्स को सपोर्ट करते हैं प्रिंसिपल

रोहित ने आरोप लगाया कि मैं भी ला-मार्टीनियर में ही पढ़ा हूं। मेरे आखिरी साल की पढ़ाई के दौरान ही मैकफरलैंड प्रिंसिपल बनकर आए थे। प्रिंसिपल हमेशा बोर्डर्स को सपोर्ट करते थे। कई बार बोर्डर्स और डे स्कॉलर्स के बीच झगड़ा भी होता है, जिसमें प्रिंसिपल हमेशा बोर्डर्स की तरफ रहते हैं।

राहुल का मोबाइल फोन मिला, डिलीट किए गए कॉल रिकार्ड

Rahul Sridhars brother said it was not suicide.

राहुल का मोबाइल फोन शनिवार शाम पुलिस को स्कूल की छत से मिल गया। एसओ गौतमपल्ली सुरेंद्र कुमार कटियार ने बताया कि मोबाइल फोन छत पर रखे प्लास्टिक के खाली डिब्बों में पड़ा था। पुलिस ने अंतिम आउटगोइंग व इनकमिंग कॉल चेक की लेकिन कोई रिकार्ड नहीं मिला।

राहुल की मौत के बाद से उसका मोबाइल फोन गायब था। परिवारीजनों से इसकी जानकारी के बाद शनिवार शाम करीब पांच बजे पुलिस टीम स्कूल पहुंची और छत का मुआयना किया। छत पर एक तरफ पेंट के दो-तीन खाली डिब्बे रखे थे। एक डिब्बे में राहुल का मोबाइल फोन मिल गया।

एसओ ने बताया कि फोन कब्जे में ले लिया गया है। मोबाइल फोन की कॉल डिटेल डिलीट कर दी गई हैं। फोन डायरेक्टरी से भी कई नंबर हटाए गए हैं। सिर्फ राहुल के माता-पिता और पीजीआई के नंबर ही उसमें हैं।

कई एसएमएस भी किए गए डिलीट

Rahul Sridhars brother said it was not suicide.

मोबाईल से कई एसएमएस भी डिलीट किए गए हैं। मोबाइल फोन की बरामदगी और उससे छेड़छाड़ ने परिवारीजनों और पुलिस के मन में भी शंका पैदा कर दी है। एसओ ने कहा कि राहुल ने आखिरी बार कब और किससे बात की?

उसके पास किसी का फोन आया था या उसने किसी को फोन किया था? यह पता लगाने के लिए कॉल डिटेल निकलवाई जा रही है। साथ ही मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच भी कराई जाएगी।

इससे डिलीट किए गए एसएमएस व व्हाट्सएप व इंटरनेट पर सर्च की गई फाइलों के बारे में पता लगाया जा सकेगा। एसओ का कहना है कि अभी तक राहुल की मां अनम्मा की तरफ से दी गई लिखित जानकारी के आधार पर इसे हादसा मानते हुए कार्रवाई की गई है।

अगर कोई तहरीर मिलेगी या परिवारीजन किसी तरह का शक जताते हुए जांच की मांग करेंगे तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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