अखिलेश के ओएसडी बनकर धमकाते थे अफसरों को
गुरुवार रात हजरतगंज में एक बहुत बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया गया। ये दोनों ठग खुद को सीएम का ओएसडी बताकर आईएएस अधिकारियों से घूस मांगा करते थे।
अधिकारियों से ये उनका ट्रांसफर और पोस्टिंग की बात कहकर पैसे मांगा करते थे। हजरतगंज कोतवाली के सीईओ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने शुक्रवार को ये जानकारी साझा की।
इस मामले में मोहम्मद हनीफ उर्फ आलमगिर और अमानउल्ला को हिरासत में लिया गया है। श्रीवास्तव ने बताया कि ये बदमाश तमाम जिलों के डीएम, चीफ इंजीनियर और सीएमओ जैसे अधिकारियों से ठगी करते थे।
इन सभी अफसरों को ये दोनों बदमाश ट्रांसफर या सस्पेंड होने की धमकी देते थे। सभी को ये कहकर पैसे मांगते थे कि 'तुम्हारी फाइल खुली हुई है।'
सराहनपुर के डीएम से मांगे थे पांच लाख रुपए
कुछ ही दिनों पहले इन बदमाशों ने सराहनपुर के डीएम से पांच लाख रुपए की फिरौती मांगी थी। ये दोनों ठग साबितगंज कोतवाली इटावा के रहने वाले हैं।
इन दोनों के पास कई फर्जी आईडी मिले हैं। ये दोनों बदमाश पहले भी एक बार धोखाधड़ी के मामले में जेल जा चुके हैं। गुरुवार रात को पुलिस ने हजरतगंज इलाके में इन्हे पकड़ा।