फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   platoon commander beaten follower

चंदा वसूली के लिए फॉलोअर को धुना, फिर लिखा दी रिपोर्ट

Wed, 13 Nov 2013 09:26 AM IST
विवेक त्रिपाठी/लखनऊ
विवेक त्रिपाठी/लखनऊ Updated Wed, 13 Nov 2013 09:26 AM IST
विज्ञापन
platoon commander beaten follower

पुलिस लाइन में मंगलवार सुबह 11वीं वाहिनी पीएसी के कैंप में फॉलोअर की जमकर पिटाई हुई।

विज्ञापन


चंदा मांगने के आरोप में वाहिनी के प्लाटून कमांडर, हवलदार और पहरा संतरी ने पीटने के बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया। प्लाटून कमांडर ने उसके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई है।

जानकारी पर महानगर थाने पहुंचे फॉलोअर के साथियों ने फर्जी आरोप लगाने की बात कही है।


पीएसी की 35वीं वाहिनी में तैनात फॉलोअर कृष्ण मुरारी पाल पुलिस विभाग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी एसोसिएशन के अध्यक्ष और राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद (एसपी तिवारी गुट) के उपाध्यक्ष हैं।

विज्ञापन


पुलिस लाइन स्थित 11वीं वाहिनी के कैंप से एक फॉलोअर ने मंगलवार सुबह उन्हें फोन किया था। इस पर करीब 11 बजे पाल पुलिस लाइन पहुंचे। फॉलोअर से बात कर रहे थे कि प्लाटून कमांडर उदयवीर सिंह आ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें- गलत इरादे से घर में घुसे युवकों ने महिला के कपड़े फाड़े

आरोप है कि उन्होंने हवलदार और पहरा संतरी के साथ मिलकर पाल को पीटना शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस के पहुंचने से पहले ही प्लाटून कमांडर फॉलोअर को लेकर महानगर थाना जा चुके थे।


उधर, अध्यक्ष की पिटाई की खबर मिलते ही रामलाल गौड़, एसएस पांडे, सहित दो दर्जन फॉलोअर महानगर थाने पहुंच गए।

इंस्पेक्टर महानगर सतीश कुमार गौतम ने बताया कि प्लाटून कमांडर उदयवीर सिंह ने पाल के खिलाफ चंदा वसूलने और इन्कार करने पर मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई है।



पढ़ें- नौकरी तो नहीं मिली पर छह लाख लुट गए

साथ ही आरोप है कि पाल यूनियन बनाकर अफसरों पर दबाव डालता है। इसी के चलते उसे बर्खास्त भी किया जा चुका है, हालांकि कोर्ट के आदेश पर वह फिर से नौकरी पर आ गया।

उधर, फॉलोअरों ने पाल को फर्जी मामले में फंसाने का आरोप लगाया है। कहना है कि प्लाटून कमांडर फॉलोअर का शोषण करते हैं।

20 नवंबर को इसी के चलते विधान भवन के सामने फॉलोअरों का धरना है, जिसकी अनुमति डीएम से ली जा चुकी है। पोल खुलने के डर से पाल को फर्जी मामले में फंसाकर गिरफ्तार कराया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed