लखनऊ के कैंट इलाके में बीडीएस छात्रा प्रिया सिंह की मौत के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। प्रभारी निरीक्षक रंजना सचान ने बताया कि प्रिया के लैपटॉप में उसकी हत्या के आरोपी सचिवालयकर्मी प्रकाश चंद्र आर्य के कई फोटो मिले हैं। कुछ फोटो बचपन के भी हैं। फिलहाल, आरोपी की तलाश में पुलिस की तीन टीमें लगाई गई हैं। एक टीम दिल्ली और दूसरी उत्तराखंड के रानीखेत में दबिश दे रही है। मालूम हो लखनऊ में कैंट क्षेत्र में बीडीएस की छात्रा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। बाहर से बंद कमरे में मंगलवार सुबह तख्त पर उसका शव मिला। छत के पंखे से दुपट्टे का फंदा कसा था और उसके गले पर निशान भी हैं। चार दिन से घर में अकेली छात्रा का हाल पूछने गए फूफा ने नजारा देखकर पुलिस को सूचना दी थी।
बीडीएस छात्रा की हत्या: पुलिस के हाथ लगे महत्वपूर्ण सुराग, लैपटॉप में मिलीं ये तस्वीरें
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प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि प्रकाश चंद्र आर्य सचिवालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है। उस तक पहुंचने के लिए कुछ सहकर्मियों और उसके दोस्तों से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, प्रकाश ने गायब होने के बाद से अभी तक किसी से संपर्क नहीं किया है। प्रिया के शव के पास से मिले उसके दो मोबाइल फोन का ब्यौरा भी खंगाला जा रहा है। उन्होंने बताया कि लैपटॉप में प्रिया और उसकी हत्या के आरोपी प्रकाश चंद्र आर्य की कई तस्वीरें मिली हैं। इससे स्पष्ट है कि दोनों एक-दूसरे को कई साल से जानते थे। परिवारीजनों ने भी दोनों के बीच दोस्ती की पुष्टि की है। लेकिन ऐसे कौन से हालात पैदा हुए जिसके चलते प्रकाश ने प्रिया को मार डाला, इस बारे में परिवारीजनों ने जानकारी से इनकार किया है। प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि प्रकाश की तलाश में पुलिस की टीमें लगी हैं। उसके पकड़े जाने के बाद हत्याकांड की गुत्थी सुलझेगी।
प्रकाश और प्रिया बचपन से एक-दूसरे को जानते थे। प्रिया के पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि प्रकाश उस पर शादी का दबाव बना रहा था जबकि प्रिया उसे एक अच्छे दोस्त की नजर से देखती थी। पुलिस ने यह भी बताया कि प्रकाश मृतका से एकतरफा प्यार करता था। अक्सर वह स्कूल आते-जाते उसका पीछा करता और सरेराह रोककर बातचीत करता। वह कई बार उसे जबरन रोककर छेड़छाड़ कर चुका था। कुछ दिन पहले भी उसने प्रिया से छेड़छाड़ भी की थी। प्रिया ने इसकी शिकायत घर पर की जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा था। पुलिस ने प्रकाश के दोस्तों से पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वह कई साल से प्रिया को अपनी गर्लफ्रेंड बताता था।
पुलिस ने बताया कि प्रिया और उसकी हत्या के आरोपी प्रकाश चंद्र आर्य के मोबाइल फोन से चैट रिकार्ड डिलीट किए गए हैं। पुलिस सभी मोबाइल फोन के रिकॉर्ड की रिकवरी की कोशिश कर रही है। प्रकाश ने प्रिया से एसएमएस के जरिए भी बात की थी। उसके मोबाइल फोन में एसएमएस के रिकार्ड डिलीट मिले हैं जबकि प्रिया के मोबाइल फोन पर पुलिस को उसके द्वारा भेजे गए मेसेज सुरक्षित मिल गए। सभी मेसेज से उसके प्रिया के घर पर होने की पुष्टि हो रही है। वहीं, पुलिस ने बताया कि प्रकाश चंद्र आर्य ने प्रिया का वॉट्सएप नंबर स्कैन करा रखा था। वह प्रिया से एकतरफा प्यार करता था और उस पर नजर भी रखता था। प्रिया के कमरे से पुलिस को एक टूटा हुआ मोबाइल फोन भी मिला है जो काफी मंहगा है। फोन कैसे टूटा? इस बारे में पड़ताल की जा रही है।
प्रभारी निरीक्षक रंजना सचान ने बताया कि प्रिया के घर से निकलकर प्रकाश अपने घर पहुंचा। वह काफी घबराया हुआ नजर आ रहा था। उसने अपने कपड़े बदले। हाफ पैंट और टीशर्ट पहनकर करीब 15 मिनट बाद वह बाहर चला गया। इस बीच उसने अपने भाई से कार मांगी, लेकिन उन्होंने देने से मना कर दिया। प्रकाश के परिवारीजनों ने बताया कि वह घर पर पर्स भूल गया था। बाहर निकलते ही पिता नंदराम आर्य ने उसे पर्स के लिए टोका तो वह पर्स लेकर चला गया। देर रात तक वह वापस नहीं आया न ही उससे कोई संपर्क हो सका तो परेशान परिवारीजनों ने कैंट थाना जाकर उसकी गुमशुदगी की सूचना दर्ज कराई।