{"_id":"10354f39c4fc4a612178e7e07261e641","slug":"officer-s-actions","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार सौ कर्मचारियों का अधिकारी और हरकते शोहदों जैसी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चार सौ कर्मचारियों का अधिकारी और हरकते शोहदों जैसी
ऋषि मिश्र/लखनऊ
Updated Fri, 01 Nov 2013 02:26 AM IST
विज्ञापन
बीटेक कर नौकरी पाए अफसर की हरकतें सुनकर लोग दंग रहे गए।
विज्ञापन
स्मारक संरक्षण समिति का एक सहायक प्रबंधक अपने ही अधिकारियों के साथ ही महिला सहकर्मियों और मीडिया कर्मियों से फोन पर अभद्रता करने के साथ ही अश्लील एसएमएस भेजता था।
अधिकारियों की झूठी शिकायतें भी उसकी फितरत बन चुकी थी। दो महीने से उसकी हरकतें बदस्तूर जारी थी।
तंग आकर एक महिला अधिकारी ने वीमेन वुमेन पावर लाइन में शिकायत की। इसके बाद फोन सर्विलांस पर लेकर उसकी पहचान हुई।
1090 के अधिकारियों के सामने उसने अपने कृत्यों की माफी मांगी। इसके बाद आरोपी को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
हालांकि, स्मारक संरक्षण समिति में उसके खिलाफ जांच शुरू हो गई है। जल्द ही उसे निलंबित कर दिया जाएगा।
कानपुर का रहने वाला राकेश रौशन निषाद मान्यवर कांशीराम स्मारक स्थल में सहायक प्रबंधक है। राकेश के अंडर में करीब 400 कर्मचारी हैं।
स्मारक समिति की ही एक महिला अधिकारी ने बीते शुक्रवार को वीमेन पावर लाइन में शिकायत दर्ज कराई कि कोई लगातार फोन कर उन्हें परेशान कर रहा है।
इस तरह की शिकायत कई अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों ने की। यहां तक कि समिति के मुख्य प्रबंधक को संबोधित एक एसएमएस में भी अनर्गल बातें लिखीं।
इसके बाद वीमेन पावर लाइन ने नंबर को सर्विलांस पर लिया। पता चला कि आरोपी एक ही फोन पर बदल-बदल कर दो सिम इस्तेमाल कर रहा है।
आईईएमआई नंबर के जरिए पहचान कर उसे तलब किया गया। सख्ती पर उसने आरोप कुबूलते हुए आगे ऐसा न करने की बात कहते हुए माफी मांगी।
इस पर शिकायतकर्ता ने रिपोर्ट दर्ज कराने से इन्कार कर दिया। इसके बाद वीमेन पावर लाइन ने संरक्षण समिति को आरोपी की हरकतों की लिखित तौर पर जानकारी दे दी।
विज्ञापन
समिति करेगी सख्त कार्रवाई
वीमेन पावर लाइन की चिट्ठी मिलने के बाद स्मारक संरक्षण समिति राकेश पर सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है।
हालांकि, आरोपी के समर्थन में अनेक नेता, ठेकेदार और बिल्डरों की सिफारिशों का दबाव लगातार अधिकारियों पर डाला जा रहा है। इसके बावजूद उसका निलंबन तय माना जा रहा है।
विज्ञापन