'लखनऊ गैंगरेप में पुलिस का खुलासा फर्जी'
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लखनऊ गैंगरेप एंड मर्डर केस में एक नया मोड़ आ गया है। अब पुलिस के ऊपर ही शक गहराता जा रहा है।
दरअसल, पुलिस ने जिस गार्ड रामसेवक को रेप का प्रयास व मर्डर करने का दोषी बताया है, उसकी पत्नी ने सीबीआई जांच की मांग कर दी है।
रामसेवक की पत्नी ने यूपी पुलिस पर सनसनीखेज आरोप लगाते हुए कहा है कि उसके पति को पुलिस ने जबरदस्ती इस मामले में फंसाया है पुलिस की कहानी पूरी झूठी है।
बेटे के लिए रामसेवक ने कुबूला जुर्म
रामसेवक की पत्नी ने पुलिस की कार्रवाई की पोल खोलते हुए बताया कि रामसेवक ने अपने बेटे को बचाने के लिए जुर्म कुबूल किया है। उसने बताया कि रामसेवक वारदात के वक्त किसी काम से बाहर था। उसके फोन से किसी और ने युवती को फोन किया होगा।
यूपी पुलिस पर यह भी आरोप लगा है कि पुलिस ने रामसेवक से जुर्म कुबूल करवाने के लिए 20 घंटे थाने में रखा और उसकी खूब पिटाई भी की।
पत्नी के मुताबिक, इसके बाद भी रामसेवक ने अपनी बेगुनाही बताई तो पुलिस उसके बेटे को उठा लाई। उसने यह भी आरोप लगाया कि रामसेवक के बेटे को पुलिस ने सोमवार शाम तक थाने में बैठाकर रखा था।
हो सकती है सीबीआई जांच?
रामसेवक की पत्नी ने यूपी पुलिस को झूठा बतलाकर सीबीआई जांच की मांग कर दी है। इससे यूपी पुलिस की इज्जत तो घटी ही है, लेकिन अब बहुत मुमकिन है कि जांच सीबीआई को ही दे दी जाए।
गौरतलब है कि रविवार को मामले के खुलासे के बाद मृतका के परिवार ने भी सीबीआई जांच की मांग की थी। उन्हें भी इस बात पर यकीन नहीं है कि इस दर्दनाक वारदात को रामसेवक अकेले अंजाम नहीं दे सकता।
गवर्नर ने भी की पुलिस की फजीहत
कार्यवाहक राज्यपाल डॉ. अजीज कुरैशी ने भगवान भी नहीं रोक सकता यूपी में रेप वाले अपने बयान पर सफाई देने के लिए प्रेस कांफ्रेंस बुलाई।
उन्होंने अपने बयान पर सफाई दी और कहा कि यूपी सरकार रेप को रोकने की हर मुमकिन कोशिश कर रही है। हालांकि, राज्यपाल ने यूपी पुलिस के खुलासे पर भी सवाल खड़ा कर दिया।
कुरैशी ने कहा कि यूपी पुलिस की जांच संतोषजनक नहीं है और पुलिस को बिना किसी दबाव के निष्पक्ष जांच करनी चाहिए।
पुलिस ने सुनाई ये कहानी
यूपी पुलिस ने भारी दबाव के चलते रविवार शाम ही मर्डर केस का पटाक्षेप करने की पूरी कोशिश की। एडीजी सुतापा सान्याल ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि एक निर्माणाधीन अपार्टमेंट में गार्ड रामसेवक ने ही युवती का रेप करने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुआ।
पुलिस की कहानी के मुताबिक, रेप करने में नाकाम रामसेवक ने गुस्से में युवती को बुरी तरह पीटा और उसके बदन पर कई जगह घाव दिए। उसने गाड़ी की चाबी से लड़की के शरीर में ऐसा जख्म किया था, जिसे बता पाना भी पुलिस के लिए मुनासिब नहीं था।
पुलिस की कहानी सच है तो रामसेवक ने अकेले ही फर्जी सिम कार्ड चोरी किया, किस दूसरे शख्स के रूप में युवती को फोन पर बहलाया, हेलमेट में चेहरा छिपाकर उसे बलसिंहखेड़ा गांव लेकर चला गया और फिर वहां दरिंदगी की इस वारदात को अंजाम दिया।