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दुश्मनी नहीं 'इश्क' ने हर दूसरे दिन निगली एक जिंदगी!

Sat, 31 Jan 2015 01:38 AM IST
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Sat, 31 Jan 2015 01:38 AM IST
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Murder in Lucknow bacause of love.

2015 के पहले महीने में ही राजधानी वारदातों से दहल गई। जनवरी खत्म भी नहीं हुआ और ताबड़तोड़ 15 हत्याओं से शहरवासी सहमे हुए हैं। हर दूसरे दिन किसी न किसी को जान से हाथ धोना पड़ा। बुधवार को तो हत्या की चार-चार वारदातों ने कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया।

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जबकि, अपराध पर लगाम के लिए पुलिस लगातार ऑपरेशन ऑल आउट और फ्लैश चला रही है। सुबह-शाम वाहनों की चेकिंग के साथ ही सत्यापन अभियान चल रहा है। बावजूद इसके वारदातों पर लगाम नहीं लग पा रही है।
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रंजिशों से ज्यादा इश्क ने बनाया कातिल

हत्या के पीछे रंजिश सबसे बड़ी वजह होती थी। हालांकि, इस जनवरी रंजिश को इश्क ने पीछे छोड़ दिया। इसी के जुनून में पांच हत्याएं हो गईं। मानकनगर में गर्लफ्रेंड से बात करने की ईषर्या में किशोर ने साथ रहने वाले उमेश को मार डाला तो गुडंबा में सिरफिरे आशिक ने एकतरफा प्यार में किशोरी की मां जगावती को पेट्रोल उड़ेलकर जिंदा फूंक दिया।
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मड़ियांव में पेंटर अतुल सिंह और इटौंजा में किसान अशोक कुमार गौतम की हत्या भी पत्नी के प्रेमी ने की। हसनगंज में छात्र विजय प्रशांत तिवारी की हत्या में भी पुलिस प्रेम प्रसंग को ही वजह मान रही है।

ऑटो का किराया देने से बचने के लिए की हत्या

Murder in Lucknow bacause of love.

कोई सोच भी नहीं सकता कि ऑटो का किराया देने से बचने के लिए भी कोई हत्या कर सकता है। चार जनवरी को कृष्णानगर में कांशीराम कॉलोनी के सदरौना में ऑटो चालक दिलीप कुमार पांडे की हत्या के पीछे यही कहानी सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, कॉलोनी के ही चार युवक चारबाग से ऑटो बुक आए और किराये के 180 रुपये देने से बचने के लिए ईंट से कूचकर दिलीप को मार डाला। ऐसे ही चिनहट में प्रमोद ने बहन सुनीता को गड़ासे और चाकू से गोदकर मार डाला। सुनीता का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने भाई से अपना मोबाइल वापस ले लिया था।

शराब में डूब रहा छात्रों का भविष्य और जीवन

शराब के चक्कर में छात्रों का भविष्य और जीवन अंधेरे में डूब रहा है। बीबीडी से एमबीए की पढ़ाई कर रहे चंदौली निवासी ओमप्रकाश सिंह और उसके साथियों में शराब के नशे में कहासुनी हुई। बात बढ़ने पर दोस्तों ने ही पीटकर ओम की हत्या कर दी।

मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे रोहित उर्फ शैंकी को गिरफ्तार करने के साथ ही पुलिस बाकी की तलाश कर रही है। ऐसे ही देहरादून से बीबीए कर रहे सरोजनीनगर के अभिषेक सिंह को भी शराब के नशे में हुए झगड़े के दौरान मारा गया था। अभी एक आरोपी रोहित ही पकड़ा जा सका है, जबकि मुख्य आरोपी सैफ रजा सहित आठ की तलाश हो रही है।

चुनौतीपूर्ण वारदातों में सिर्फ एक सुलझी

Murder in Lucknow bacause of love.

हत्या की चुनौतीपूर्ण वारदातें में सिर्फ कृष्णानगर में बीबीए छात्र अभिषेक सिंह की हत्या की गुत्थी ही सुलझ सकी है। तेलीबाग में वकील निखिलेंद्र कुमार गुप्ता की सनसनीखेज हत्या में पुलिस ने नामजद आरोपियों को जेल भेजकर मामला शांत करा दिया। हालांकि, वजह कुछ और मानते हुए छानबीन की जा रही है।

दो शवों की शिनाख्त तक नहीं हुई

गोसाईंगंज में नहर किनारे बोरे में मिले युवक के शव और इटौंजा के बदहरी घाट पर पुल के नीचे गोमती नदी में गोली मारकर हत्या के बाद फेंके गए युवक के शव की पुलिस अभी तक शिनाख्त ही नहीं कर सकी है।

बीते वर्ष जनवरी में भी 14 हत्याएं
बीते वर्ष जनवरी में भी हत्या की 14 वारदातें हुई थीं, जिसमें पांच ने पुलिस-प्रशासन के अफसरों को हिला दिया था। ठाकुरगंज और तालकटोरा में दो हत्याओं से शुरू हुआ सिलसिला गोमतीनगर में इलाहाबाद के हिस्ट्रीशीटर आशीष और उसके साथी रोहित को गोलियों से भूनने तक चला।

बालू अड्डा में आठ साल के अफजल को कूड़े के ढेर में फेंककर जलाने और जानकीपुरम के गोड़ियनपुरवा गांव में झगड़े की शिकायत करने जा रहे राजकुमार को पीट-पीटकर मारने की वारदात ने हिला दिया था तो गाजीपुर के इस्माइलगंज में महिला प्रधान सुमन ने अपनी करीबी दोस्त दीपा को गोली से उड़ाकर सनसनी फैला दी थी।

अवैध संबंध के चलते हुई हत्या

Murder in Lucknow bacause of love.

राजधानी में बीते वर्ष तो हर दो दिन में हत्या की एक वारदात दर्ज हुई थी। आंकड़े बताते हैं कि हत्या की आधी वारदातें अवैध संबंध के चलते हुईं। इसके बाद आपसी रंजिश और अन्य विवादों में लोग मारे गए।

अनसुलझी वारदातें और तफ्तीश

- 08 जनवरी को गोसाईंगंज में नहर किनारे बोरे में मिला युवक का शव। मृतक की शर्ट पर फैजाबाद के टेलर का टैग मिला था। पुलिस फैजाबाद गई पर कुछ पता नहीं लगा। मृतक के फोटो इलाके में लगवा दिए गए हैं। पोस्टमार्टम में युवक की मौत की वजह भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। जांच के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है।

-10 जनवरी की शाम हसनगंज के घोसियाना बंधा रोड पर शिवनगर निवासी छात्र विजय प्रशांत तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। अब तक की जांच में पता चला है कि विजय का किसी वकील की बेटी से प्रेम प्रसंग था।

परिवारीजनों की सख्ती पर लड़की ने सुसाइड कर लिया। इसके लिए विजय को दोषी मानते हुए वकील ने उसकी हत्या करा दी। हालांकि, पुलिस के पास अभी तक कोई सुबूत नहीं है।

इन पर उलझी रही जांच टीम

Murder in Lucknow bacause of love.

-20 जनवरी को इटौंजा में गोमती में युवक का शव मिला। पोस्टमार्टम में गोली मारकर हत्या की पुष्टि हुई थी। हालांकि, अभी तक मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पड़ोसी जनपदों से गुमशुदगी की सूचनाएं मंगाई पर सफलता नहीं मिली। अब पुलिस कह रही है कि शव कहीं से बहकर आया है।

-28 जनवरी को बंथरा में युवती का गला रेतने के बाद रेलवे ट्रैक पर फेंक दिया गया। परिवारीजों ने गांव के होरीलाल और रोहित पर छेड़छाड़ का विरोध करने पर हत्या का शक जताते हुए रिपोर्ट लिखाई। दोनों को हिरासत में ले लिया गया लेकिन पुलिस आरोप साबित नहीं कर पा रही है। एसओ नोवेंद्र सिंह सिरोही का कहना है कि अभी पूछताछ चल रही है।

-28 जनवरी को आशियाना में महिला सर्राफ ममता अग्रवाल को बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी थी। एएसपी पूर्वी राजेश कुमार का कहना है कि लूट का विरोध में हत्या के अलावा रंजिश, लेन-देन के विवाद, प्रॉपर्टी का झगड़ा और पारिवारिक तनाव पर छानबीन की जा रही है।

-28 जनवरी को हजरतगंज के वजीर हसन रोड स्थित प्लाईवुड कारोबारी के निर्माणाधीन मकान में चौकीदार रईस को मार डाला गया। अमेठी निवासी राजकुमार की गांव में रंजिश चलती थी। चार मजदूरों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के साथ ही पुलिस की टीम रईस के गांव भेजने की तैयारी है।

जानें, क्या कहते हैं एसएसपी

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राजधानी में अचानक अपराध बढ़े हैं?
राजधानी में पढ़ाई, कारोबार सहित अन्य वजहों से बाहर के तमाम लोग रहते हैं। देश-प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों से भी अपराधी आते हैं। इसी के चलते अपराध बढ़े हैं। लूट और टप्पेबाजी की वारदात बाहर के लोग या गैंग ही कर रहे हैं। इनका राजधानी पुलिस के पास रिकॉर्ड नहीं हैं, इसलिए समस्या आती है।

हत्या की वारदातें बढ़ी हैं?
अधिकांश वारदातों में परिवार या आपस के लोगों का ही हाथ है। यह इनहाउस क्राइम है जो भावनाओं में हो जाता है। पुलिस ऐसी वारदातें को कंट्रोल नहीं कर सकती। असली समस्या प्रोफेशनल क्रिमिनल हैं। पुलिस को उन पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं।

अपराध नियंत्रण के लिए क्या करेंगे?
वारदातें हो रही हैं तो खुलासे भी हो रहे हैं। सभी थानेदारों को किसी भी वारदात पर तुरंत कार्रवाई करने और आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं। तत्काल कार्रवाई से जनता का पुलिस पर भरोसा बढ़ता है और अपराधियों के भी हौसले पस्त होते हैं।

हाईटेक उपकरण कितने मददगार हैं?
सीसीटीवी कैमरों से वारदातों की जड़ तक पहुंचने में काफी मदद मिल रही है। गोमतीनगर में चेन व पर्स छीनने की वारदातें हो गया कैश वैन से रुपये उड़ाने वाला गैंग, सीसीटीवी फुटेज की मदद से पुलिस को बदमाशों का हुलिया मिला है और उनकी तलाश की जा रही है। अगले छह माह में पूरा शहर सीसीटीवी कैमरे की जद में आ जाएगा, तब इसके शत प्रतिशत परिणाम नजर आएंगे।

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