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सीरियल किलर ने एक तीर से साधे कई निशाने
विवेक त्रिपाठी/लखनऊ
Updated Tue, 01 Oct 2013 02:31 AM IST
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‘सही समय पर हत्या राजनीति होती है।’ सरकार राज फिल्म का ये डायलॉग पप्पू पांडे की हत्या के पीछे की कहानी का लब्बो-लुआब माना जा रहा है।
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शहर के अंडरवर्ल्ड में चर्चा है कि सीरियल किलर मो. सलीम तो पांडे को किसी भी दिन और समय मरवा सकता था, लेकिन सही वक्त का इंतजार था। ऐसा वक्त जब सलीम के राजनैतिक, सामाजिक और आर्थिक समीकरण फिट बैठ रहे हों। इन्हें ध्यान में रखकर ही वारदात अंजाम दिलाई गई।
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राजधानी में ऐलानिया तीन हत्या से सलीम की दहशत फैल गई थी। इसके बाद से ही सलीम के गुर्गे उसका नाम लेकर शहर में रंगदारी वसूल रहे हैं। बड़े-बड़े सेठ उसका जिक्र आते ही तिजोरियां खोल देते हैं।
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पुलिस सूत्रों ने बताया कि सोना व्यापारी से 50 लाख रुपये रंगदारी मांगने की शिकायत के बाद एसएसपी ने जिला जज से सलीम को किसी भी हालत में लखनऊ में न रोकने की गुजारिश की थी।
सलीम को जघन्य अपराधी बताते हुए कहा था कि लखनऊ में उसे रोकने से अपराध और वसूली बढ़ जाएगी। पुलिस सूत्र बताते हैं कि एसएसपी की गुजारिश पर जिला जज ने इस बाबत आदेश दे दिया था।
पप्पू पांडे और उसके छोटे भाई अजय सहित अन्य लोगों पर सलीम के भाई जावेद की हत्या का आरोप है। सलीम ने तीन आरोपियों को ऐलानिया मार दिया था। पप्पू और अजय बाकी थे।
हालांकि, सलीम की दहशत से पप्पू और उसका भाई दहशत खाते थे। पूर्वांचल के एक बाहुबली नेता की मध्यस्थता में जेल में हुई पंचायत में दोनों के बीच समझौता कराया गया था।
अंडरवर्ल्ड सूत्र बताते हैं कि पांडे की पत्नी के चुनावी मैदान में उतरने की चर्चा से चिंगारी एक बार फिर से भड़क उठी। सूत्रों का कहना है कि सलीम ने सारे समीकरण सोचकर प्लानिंग की।
दिल्ली में सलीम के खिलाफ एक करोड़ की लूट का मुकदमा अंतिम स्टेज पर है। इस मुकदमे में सजा तय है। इसके बाद सलीम को दिल्ली जेल में ही रहना पड़ता और लखनऊ से उसका नाता टूट जाता।
ऐसे में सलीम ने रंजिश निपटाने के साथ ही लखनऊ में रहने का रास्ता भी बना लिया। अंडरवर्ल्ड के लोगों का कहना है कि लखनऊ में सलीम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज होने पर उसे पेशी पर आना होगा।
पेशी से ही वह पहले की तरह रंगदारी वसूलता रहेगा। इससे सलीम का आर्थिक पक्ष मजबूत बना रहेगा, साथ ही पत्नी को राजनीति के मैदान में उतारने से उसके राजनीतिक और सामाजिक समीकरण की तुष्टि होगी।
खर्चा-पानी और मदद देकर सबको बनाता है मुरीद
अपराधियों और पुलिसकर्मियों को अपना बनाने के लिए सलीम रुपयों और संसाधनों की फिक्र नहीं करता था। जेल में आए नये लड़कों को वह लगातार खर्चा-पानी देता था तो पुलिसकर्मियों का भी खास ख्याल रखता था।
यही वजह है कि सलीम को पेशी में वीवीआईपी सुविधाएं दी जाती थीं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पांडे की हत्या करने वाला बिहार का रोमेश उर्फ सुनील शर्मा जेल में सलीम से मिला था।
सलीम हर महीने उस पर 10 से 15 हजार रुपये खर्च करता था। रोमेश इसके लिए सलीम का अहसान मानता था। जब सलीम ने रोमेश को पांडे की हत्या की सुपारी दी तो वह इन्कार नहीं कर सका।
इसी तरह उसने दिल्ली पुलिस को भी अपना मुरीद बना लिया था। अंडरवर्ल्ड सूत्रों ने बताया कि कुछ हफ्ते पूर्व दिल्ली से पेशी पर लाया गया शातिर अपराधी सौरभ शर्मा लखनऊ से भाग गया था।
उसके साथ आए पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। सूत्रों के अनुसार सलीम ने मुकदमे में फंसे पुलिसकर्मियों को वकील उपलब्ध कराने से लेकर धन-बल से काफी मदद की। यही वजह है कि दिल्ली पुलिस उसे पेशी पर मोबाइल फोन से लेकर हर सुविधाएं देती थी।