केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को बड़ी राहत, कोर्ट ने अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाज वर्तिका सिंह की याचिका खारिज की
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केंद्रीय मंत्री व अमेठी जिले की सांसद स्मृति ईरानी, उनके निजी सचिव समेत तीन लोगों के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाज वर्तिका सिंह की ओर से मुकदमा दर्ज कराने के लिए दी गई अर्जी को शनिवार को स्पेशल जज एमपी-एमएलए पीके जयंत ने खारिज कर दिया।
कोर्ट के आदेश से केंद्रीय मंत्री समेत तीनों को बड़ी राहत मिली है। वहीं, आदेश से निशोनबाज वर्तिका सिंह को झटका लगा है। मामला अमेठी जिले के मुसाफिरखाना कोतवाली से जुड़ा है।
प्रतापगढ़ जिले के रायचंदपुर गांव निवासी अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाज वर्तिका सिंह ने पिछले दिनों केंद्रीय मंत्री व अमेठी जिले की सांसद स्मृति ईरानी, उनके निजी सचिव विजय गुप्ता निवासी मुसाफिरखाना जिला अमेठी और अयोध्या जिले के निवासी डॉ. रजनीश सिंह के खिलाफ एमपी-एमएलए कोर्ट में केस दर्ज कराने के लिए अर्जी दी थी।
वर्तिका का आरोप है कि राष्ट्रीय महिला आयोग के सदस्य पद पर नियुक्ति दिलाने का झांसा देकर उनसे आरोपी डॉ. रजनीश सिंह ने 25 लाख रुपये की मांग की थी और कहा था कि यह रुपया केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी व उनके निजी सचिव विजय गुप्ता की ओर से मांगा गया है। स्पेशल जज एमपी-एमएलए पीके जयंत ने वर्तिका सिंह का पक्ष सुनने के बाद आदेश सुनाने के लिए 20 फरवरी की तिथि नियत की थी। शनिवार को कोर्ट ने अपना आदेश सुनाते हुए वर्तिका सिंह की अर्जी खारिज कर दी।
कोर्ट के आदेश पर निराधा जताई, बोले- अब हाईकोर्ट में देंगे चुनौती
निशानेबाज वर्तिका सिंह की ओर से कोर्ट में पैरवी कर रहे अधिवक्ता रोहित त्रिपाठी व राजेश तिवारी ने एमपी-एमएलए कोर्ट के आदेश पर निराशा जताई है। कहा कि, वे एमपी-एमएलए कोर्ट के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। वहीं, वर्तिका सिंह ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि हाईकोर्ट से न्याय मिलेगा।
दर्ज मुकदमों से बचने के लिए दी थी अर्जी
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी व उनके निजी सचिव विजय गुप्ता के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने एमपी-एमएलए कोर्ट के आदेश का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि वर्तिका सिंह ने अपने ऊपर दर्ज आपराधिक मुकदमों से बचने के लिए केंद्रीय मंत्री समेत अन्य के खिलाफ फर्जी केस दर्ज कराने के लिए अर्जी दी थी।