जाली ड्राफ्ट थमा ले उड़े साढ़े पांच लाख की दवाएं
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महानगर इलाके में दवाओं के थोक व्यवसायी को जालसाजों ने जाली ड्राफ्ट थमाकर 5.44 लाख रुपये से अधिक की चपत लगा दी।
भांडा फूटने पर आरोपी मोबाइल बंद कर अंडरग्राउंड हो गए। व्यवसायी ने मंगलवार को तालकटोरा क्षेत्र की एक कंपनी के एमडी समेत दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
इंस्पेक्टर महानगर नागेंद्र चौबे ने बताया कि निशातगंज की पेपर मिल कॉलोनी निवासी विनय शुक्ला की गोल मार्केट में मेसर्स शगुन सेल्स प्राइवेट लिमिटेड नामक दवा की फर्म है।
दवाओं के थोक व फुटकर व्यवसायी विनय को एक अगस्त को तालकटोरा के औद्योगिक क्षेत्र की मेसर्स क्राउन एक्सपोर्ट लिमिटेड के एमडी संजय सिंगला ने फोन किया।
बातचीत होने पर सिप्ला कंपनी की कुछ दवाएं खरीदने की बात कहते हुए विनय से ई-मेल आईडी मांगी। थोड़ी देर बाद संजय ने दवाओं की सूची भेजकर रेट मांगे।
इसके बाद ऑर्डर देने के साथ माल जल्द उपलब्ध कराने को कहा। विनय ने कंपनी से दवाएं मंगा लीं। विनय का कहना है कि माल आने पर उसने संजय को फोन किया।
उसने बिलिंग के लिए अपना पता ई-मेल किया। जवाब में विनय ने इनवाइस भेजकर 5,44,200 रुपये का बैंक ड्राफ्ट मांगा।
कुछ समय बाद संजय ने ड्राफ्ट बनने की जानकारी दी और दोपहर 3:40 बजे एक आदमी को गाड़ी लेकर विनय की शॉप पर भेज दिया।
विनय दुकान पर नहीं था, इस पर संजय के भेजे आदमी ने दुकान पर मौजूद कर्मचारी को ड्राफ्ट दिया और दवाएं गाड़ी में लदवाकर चला गया।
विनय ने चार अगस्त को ड्राफ्ट बैंक ऑफ बड़ौदा की हजरतगंज शाखा में जमा किया। बैंक अफसरों ने ड्राफ्ट जाली बताते हुए तहकीकात शुरू कर दी।
विनय ने संजय का नंबर डॉयल किया, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। इस पर विनय तालकटोरा के औद्योगिक क्षेत्र स्थित संजय के बताए ऑफिस के पते पर पहुंचा, लेकिन वह भी गलत निकला।
ठगी का अहसास होने पर उसने महानगर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है।