{"_id":"514f12c4f1ad5a2f534a9c006f630e20","slug":"mechanic-with-stolen-bike","type":"story","status":"publish","title_hn":"...और पहुंच गया चोरी की बाइक अपने नाम कराने","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
...और पहुंच गया चोरी की बाइक अपने नाम कराने
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Fri, 20 Dec 2013 01:44 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मोहनलालगंज क्षेत्र से एक वर्ष पहले चोरी हुई बाइक बरामद होने के बाद पुलिस की कार्यशैली सामने आ गई है। पुलिस ने जांच के दौरान चोरी की बात फर्जी बताते हुए फाइल बंद कर दी थी।
विज्ञापन
खुलासा तब हुआ जब शुक्रवार को बाइक खरीदने वाला एक मैकेनिक मालिक के घर पहुंचा और नाम ट्रांसफर कराने की बात कही। सकते में आया मालिक उसे पकड़कर थाने ले गया।
विज्ञापन
पूछताछ के बाद पुलिस बाइक बेचने वाले के घर पहुंची तो पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। मोहनलालगंज के मुरलीनगर निवासी गगन मिश्रा करीब एक वर्ष पहले बाइक से मऊ गांव एक परिचित के घर गए थे।
विज्ञापन
मौका पाकर किसी ने उनकी बाइक उड़ा दी। काफी तलाश के बावजूद बाइक का कुछ पता न चलने पर उन्होंने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने कुछ दिन मामला फर्जी बता फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी।
समय के साथ गगन भी बाइक की उम्मीद छोड़ चुके थे। इस बीच गोंडा के जरवल निवासी बाइक मैकेनिक शुक्रवार को अचानक गगन के घर पहुंचा। बाइक खरीदने के बात कहते हुए नाम ट्रांसफर कराने की बात कही।
इस पर गगन ने आसपास के लोगों की मदद से युवक को दबोच लिया और पुलिस के पास ले गए। पूछताछ में उसने मऊ गांव के आशीष नामक युवक से बाइक खरीदने की जानकारी दी।
पुलिस जांच के लिए गई तो पता चला कि उक्त युवक कुछ माह पहले ही मौत हो चुकी। इस बाद पुलिस ने मामले की दोबारा विवेचना शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर जावेद खान का कहना है कि जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।