क्रिकेटर से क्रिमिनल बन गया मास्टरमाइंड सचिन, पढ़िए कैसे...
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राजाजीपुरम के सी-ब्लॉक में उपनिबंधक के स्टेनो अशोक श्रीवास्तव के घर लूट के मास्टरमाइंड क्रिकेटर सचिन सक्सेना और उसके दोस्त सचिन गुप्ता को पुलिस ने शनिवार रात आलमनगर रेलवे स्टेशन के पास दबोच लिया।
इनसे अशोक के घर से लूटे गए करीब पांच लाख रुपये कीमत के गहने, वारदात में इस्तेमाल तमंचा और मोबाइल के साथ ही एक पिस्टल भी बरामद हुई है। लूट की साजिश में अशोक श्रीवास्तव का बेटा राहुल श्रीवास्तव भी शामिल था।
उसी की मुखबिरी पर 14 अक्तूबर को मीटर चेक करने के बहाने घर में दाखिल हुए बदमाशों ने महिला को बंधक बनाकर वारदात अंजाम दी थी।
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि सचिन ने कुबूला कि अशोक के बेटे राहुल ने लूट की साजिश रची थी। वह भी तंगहाली का शिकार था। उसी ने बदमाशों को बताया कि भाई की शादी की तैयारी चल रही है। घर में नगदी व गहने हैं।
पिता व दोनों भाई दिन में काम पर निकल जाते हैं। बहन फिजियोथैरेपी कराने जाती है। करीब दो घंटे भाभी घर में अकेली रहती हैं। इस पर सचिन सक्सेना ने हरदोई निवासी अपने दोस्त सचिन गुप्ता को बुलाया। दोनों ने रेकी की। हिम्मत नहीं पड़ने पर सचिन गुप्ता ने अपने चचेरे भाई अमित को भी बुला लिया। सचिन गुप्ता व अमित मीटर चेक करने के बहाने घर में घुसे थे। बाद में सचिन सक्सेना को भी बुला लिया था
घर का बेटा भी शामिल था लूट में
एसओ अशोक यादव ने बताया कि लूट की तहकीकात शुरू होते ही राहुल संदेह के घेरे में आ गया था। गहन छानबीन के दो दिन बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने राज उगल दिए। वारदात के दस दिन बाद अमित गुप्ता हत्थे चढ़ा था। उसके कब्जे से 52 हजार रुपये बरामद हुए थे।
पता चला कि सचिन सक्सेना और सचिन गुप्ता लूटे गहने व अपने हिस्से की नगदी लेकर दिल्ली भागे हैं। क्राइम ब्रांच की एक टीम दोनों की तलाश में दिल्ली गई। इसके अलावा सचिन गुप्ता की तलाश में हरदोई के अतरौली थाने के गंज भरावन बाजार स्थित उसके घर और उत्तराखंड के उधमसिंहनगर के कस्बा खटीमा में सचिन सक्सेना के घर पर दबिश दी गई। दोनों के रिश्तेदारों पर दबाव बनाया गया।
सचिन सक्सेना ने खुलासा किया कि प्रेम विवाह करने की वजह से राहुल को उसके घर वालों ने निकाल दिया था। इसी तरह उसके भी घर वाले खर्चा नहीं देते थे। दोनों तंगहाली का शिकार थे। राहुल ने जाली नोट का धंधा करने की योजना बनाई। दोनों लोग जाली नोटों के लिए धनबाद के एक शख्स से मिले।
उसने 20 हजार के एवज में 60 हजार के जाली नोट देने का वादा किया, लेकिन दस हजार लेकर नोटों के आकार के कागज की गड्डी थमा दी। उलाहना देने पर दूसरी डील हुई। इस बार 50 हजार रुपये कर्ज लेकर दोनों लोग धनबाद गए।
जाली नोटों का धंधा करने वाले बदमाश को 30 हजार दिए। थोड़ी देर बाद उसने कॉल करके माल पकड़े जाने की बात कही और भाग जाने की सलाह दी। कर्ज लिए 50 हजार डूबने पर राहुल ने तीसरी बार संपर्क किया।
धनबाद के व्यक्ति ने दो लाख के एवज में छह लाख के जाली नोट देने का आश्वासन देकर जल्दी आने को कहा। रकम के लिए परेशान राहुल ने सचिन सक्सेना व सचिन गुप्ता के साथ मिलकर अपने ही घर में लूट की योजना बना डाली।
क्रिकेट से क्राइम तक साथ रहे सचिन-राहुल
सचिन सक्सेना ने बताया कि वह एनआर क्रिकेट अकादमी का ओपनर बैट्समैन था। राहुल भी क्रिकेट खेलता था। दोनों लोग पढ़ाई में फिसड्डी थे। कई साल पहले दोस्ती हुई थी।
सचिन गुडंबा इलाके में किराए पर रहता था। किराया न दे पाने पर मकान खाली करना पड़ा तो राहुल ने अपने घर में पनाह दी। एक साथ रहने के दौरान दोनों ने लूट की योजना बनाई और वारदात अंजाम दे डाली।
सचिन सक्सेना ने कुबूला कि अशोक के घर वारदात अंजाम देने के बाद वह सचिन गुप्ता के साथ कानपुर भाग गया था। राहुल की गिरफ्तारी का पता चलने पर दोनों लोगों ने दिल्ली में अपने दोस्त धीरज के यहां शरण ली।
खटीमा का मूलनिवासी धीरज दिल्ली मेट्रो में काम करता है। उसने खटीमा में सूदखोरी करने वाले नन्हा महाजन से लूट की साजिश रची। महाजन से 10-12 लाख रुपये हाथ लगने की बात कही थी।
एसएसपी ने बताया कि दोनों बदमाशों ने नन्हा महाजन से लूटपाट के इरादे से अलीगढ़ के एक बदमाश से 20 हजार में मुंगेर से बनी .32 बोर की पिस्टल व दस कारतूस खरीदे थे, जबकि .12 बोर का तमंचा उनके पास पहले से था।
कानपुर से बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहे सचिन गुप्ता ने बताया कि कानपुर में उसकी गर्लफ्रेंड रहती है। वारदात अंजाम देने के बाद सचिन सक्सेना से रोजाना दो-तीन हजार रुपये लेकर निकलता था और गर्लफ्रेंड को गिफ्ट देने के साथ उसे सैर कराता और महंगे होटलों में खाना खिलाता था।