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सीतापुर: 10 दिन बाद जेल से बाहर आया महंत बजरंग मुनि दास, बोला- धर्म के लिए कतरा-कतरा कुर्बान करने के लिए तैयार हूं

Sun, 24 Apr 2022 10:51 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुर
अमर उजाला नेटवर्क, सीतापुर Published by: ishwar ashish Updated Sun, 24 Apr 2022 10:51 AM IST
सार

विशेष समुदाय की महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में जेल में बंद महंत बजरंग मुनि दास रविवार को जेल से बाहर आ गए। शनिवार को उनकी जमानत मंजूर हो गई।

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Mahant Bajrang Muni Das cames out of jail in Sitapur.
- फोटो : ANI

विस्तार

एक विशेष समुदाय की महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में जेल में बंद बड़ी संगत के महंत बजरंग मुनि दास रविवार को 10 दिन बाद जेल की सलाखों से बाहर आ गए हैं। शनिवार को ही उनकी जमानत मंजूर हो गई थी। जेल से बाहर आने के बाद महंत ने कहा कि धर्म के लिए कतरा-कतरा कुर्बान करने के लिए तैयार हूं।

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बताते चलें कि खैराबाद स्थित बड़ी संगत के महंत बजरंग मुनि दास ने पिछले दिनों खैराबाद में निकाली जा रही शोभा यात्रा के दौरान विशेष समुदाय की महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसका वीडियो कुछ दिनों के बाद सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। मामले को लेकर काफी हंगामा हुआ था। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने मामले को संज्ञान में लेते हुए डीजीपी से एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट मांगी थी और कार्रवाई के आदेश दिए थे।
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इसके बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली थी। केस दर्ज होने के बाद महंत की गिरफ्तारी को लेकर विशेष समुदाय की महिलाओं ने हंगामा भी किया था। मामले को तूल पकड़ता देख आखिरकार 13 अप्रैल को पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था और जेल भेज दिया था। महंत की गिरफ्तारी के बाद खैराबाद में हंगामा भी हुआ था। महंत की रिहाई को लेकर लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था।
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इस दौरान पुलिस को भी हालात को काबू में करने के लिए लाठियां भांजनी पड़ी थी। महंत बजरंग मुनिदास पिछले 10 दिनों से जेल में थे। शनिवार को उनकी जमानत मंजूर हो गई थी। इसके बाद रविवार को वह जेल से बाहर आ गए। जेल की सलाखों से बाहर आने के बाद महंत ने कहा कि भगवा और धर्म के लिए हजारों बार जेल जाना पड़े तो मैं जाऊंगा। हजारों हमले झेलना पड़े तो तैयार हूं।


उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें कोई पश्चाताप नहीं है क्योंकि जो सजा मिलनी थी वह मिल गई है। धर्म के लिए प्राण भी त्यागना पड़े तो मैं तैयार हूं। उस दिन मैंने अपनी महिलाओं की रक्षा के लिए कहा था और मैं फिर से कह रहा हूं कि धर्म के लिए कतरा-कतरा कट जाए तो मैं उसको कुर्बान करने के लिए तैयार हूं।

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