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बसपा नेता करा रहा अपहरण और लूट का बड़ा धंधा

Sun, 20 Oct 2013 09:18 AM IST
निशांत यादव/लखनऊ
निशांत यादव/लखनऊ Updated Sun, 20 Oct 2013 09:18 AM IST
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leader gave protection to robbers

बीती 12 अक्तूबर को पूरबिया एक्सप्रेस से यात्री को अगवा करने के प्रयास के मामले की जांच कर रही जीआरपी को बड़ी सफलता हाथ लगी है।

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जांच में पता चला है कि पुलिस की वर्दी पहनकर यात्रियों को अगवा करने के बाद लूटपाट करने में बड़ा गैंग सक्रिय है। पूर्वांचल के एक प्रभावशाली बसपा नेता का गैंग को संरक्षण है। वारदात चोरी की गाड़ियों से अंजाम दी जाती हैं।

चारबाग रेलवे स्टेशन से यात्री को अगवा करने के मामले में ही अब तक एक ही नंबर की दो गाड़ियां बरामद हो चुकी हैं।

साथ ही जीआरपी ने वीडियो फुटेज दिखाकर बाराबंकी के एक मुखबिर की मदद से मौके से भागने वाले दो खाकी वर्दीधारियों की पहचान कर ली है। इसमें एक फैजाबाद की ब्लॉक प्रमुख का ड्राइवर है।
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खाकी वर्दी पहन कर यात्री को अगवा करते समय इस्तेमाल हुई टाटा सफारी यूपी 42 पी 9797 फैजाबाद के तारुन ब्लॉक की प्रमुख माधवी सिंह के निकली थी। जीआरपी के हत्थे चढ़े शातिर अपराधी सुमति शर्मा ने पूछताछ में ब्लॉक प्रमुख के पति प्रमोद कुमार सिंह का नाम लिया था।
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प्रमोद बसपा के पूर्व एमएलसी और डॉ. रीता बहुगुणा जोशी का मकान जलाने के आरोपी रहे जितेंद्र सिंह बबलू का भतीजा बताया जा रहा है। डीजी रेलवे रिजवान अहमद के आदेश पर जीआरपी लखनऊ की टीम ने फैजाबाद में छापेमारी की।

जीआरपी के पहुंचने से पहले प्रमोद फरार हो चुका था। दबाव बढ़ता देख प्रमोद ने जीआरपी को गुमराह करने के लिए वारदात में इस्तेमाल गाड़ी के ही रंग और मिलते-जुलते नंबर की टाटा सफारी यूपी 42 आर 9797 को चारबाग में लावारिस हालत में खड़ा करवा दिया था।

हालांकि जांच में गाड़ी का नंबर फर्जी निकला। जीआरपी इंस्पेक्टर ने गाड़ी को हुसैनगंज पुलिस के हवाले कर दिया था। यह गाड़ी फैजाबाद जेल में बंद दिनेश सिंह की है।

दिनेश को जानकार प्रमोद का बेहद खास बताते हैं। अब जीआरपी खाकी वर्दीधारियों को पकड़ने के लिए फैजाबाद में डेरा डाले है। उधर, शुक्रवार को फैजाबाद से एक और टाटा सफारी यूपी 42 आर 9797 बरामद की है। यह गाड़ी प्रमोद के गैंग में रहे धर्मेंद्र सिंह के नाम पर निकली।

अलग बनाया गैंग
फैजाबाद से बाराबंकी के बीच ट्रेनों और बसों से यात्रियों को अगवा कर लूटने वाले प्रमोद गिरोह के दो फाड़ हो चुके हैं। पिछले दिनों जेल से छूटने के बाद धर्मेंद्र ने अपना अलग गिरोह बना लिया है।

इतना ही नहीं प्रमोद के कई गुर्गे भी धर्मेंद्र के साथ हो लिए। जानकारों के अनुसार दोनों गैंग में जबरदस्त तनातनी चल रही है। हालांकि, बसपा नेता का समर्थन प्रमोद को ही है।

प्रमोद को बचाने की तैयारी
चारबाग स्टेशन से अपहरण के प्रयास का मामला सामने आते ही लखनऊ के एक व्यापारी ने जीआरपी थाने आकर अपने साथ हुई लूट की जानकारी दी थी। उसने बताया था कि एक माह पहले बाराबंकी में यूपी 42 पी 9797 से पुलिस की वर्दी में आए बदमाशों ने बस से उतारा और 12 लाख रुपये के जेवर लूट लिये थे।


इस मामले में प्रमोद का नाम भी सामने आ रहा है। बाराबंकी के रामसनेही घाट की पुलिस लुटेरों को बचाने के लिए इस कांड की तफ्तीश तक नहीं की।

जीआरपी में मामला पकड़ा जाने के बाद पुलिस के बड़े अधिकारियों ने दबाव बनाया तब जाकर बाराबंकी पुलिस हरकत में आयी।

अब मिल रही धमकी

प्रमोद कुमार सिंह को बचाने के लिए बसपा के दबंग नेता अब 12 लाख रुपये के लूटकांड के पीड़ित व्यापारी को जान से मारने की धमकी दे रहा है। इतना ही नहीं इस नेता ने जीआरपी के बड़े अधिकारियों को भी तफ्तीश से प्रमोद का नाम हटाने के लिए दबाव डाला है। ऐसा न करने पर देख लेने की धमकी भी दी जा रही है।

व्यापारी ने इसकी जानकारी जीआरपी को दी है। डीजी रेलवे रिजवान अहमद ने बताया कि मामले की पड़ताल की जा रही है।

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