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धमकी से डरे वकील ने की आशीष की हत्या
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Wed, 05 Feb 2014 11:01 AM IST
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इलाहाबाद के हिस्ट्रीशीटर आशीष मिश्रा ने अपने ही साथी गुलाम रसूल की जमानत की रकम डकार ली थी। पेशी के दौरान रसूल और आशीष का आमना-सामना होने पर वकील ने पोल खोल दी। इसे लेकर वकील से झगड़ा हुआ।
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गुस्साए आशीष ने वकील और उसके भाई को जान से मारने की धमकी दे डाली। दहशत में आए वकील ने खुद को बचाने के लिए आशीष के साथ ही रोहित को भी मौत की नींद सुला दिया। पुलिस एक की गिरफ्तारी के साथ ही वारदात में शामिल बाकी को तलाश रही है।
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हत्याकांड में इलाहाबाद के शिवकुटी थाना क्षेत्र की एमआईजी कॉलोनी के मकान नंबर 16 निवासी आशीष मिश्रा उर्फ मोगली, इलाहाबाद विवि का छात्र नेता सुमित शुक्ला उर्फ अच्युतानंद शुक्ला, एलनगंज का अनुज सिंह और मोगली के घर पर रहने वाला राजाजीपुरम का अंकित दुबे शामिल थे।
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एसएसपी ने बताया कि हिस्ट्रीशीटर आशीष का साथी गुलाम रसूल नैनी जेल में बंद है। बीते वर्ष रसूल से जमानत कराने के नाम पर आशीष ने 2,55,000 रुपये और एक सफारी ली थी। एसएसपी ने बताया कि मोगली के पिता अरुण कुमार मिश्रा हाईकोर्ट के प्रतिष्ठित वकील रहे हैं।
मोगली खुद इलाहाबाद से एलएलबी थर्ड ईयर का छात्र है। भाई दीपक हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करता है। आशीष ने रसूल की जमानत के लिए मोगली के जरिए दीपक को एक लाख रुपये दिए। हाईकोर्ट में जमानत का प्रकरण लिस्ट पर भी नहीं आया। इस पर आशीष ने मोगली से रुपये वापस मांगे।
मोगली ने 60,000 रुपये दिए बाकी के 40,000 फीस व अदालती खर्च में काटने की बात कही। इसी बीच पेशी के दौरान गुलाम रसूल, आशीष मिश्रा और मोगली का आमना-सामना हो गया। रसूल के पूछने पर मोगली ने एक लाख रुपये मिलने व 60,000 रुपये लौटाने की जानकारी दी।
रसूल के सामने पोल खोलने पर आशीष भड़क गया और गाली-गलौज करते हुए मोगली को जान से मारने की धमकी दे डाली। एसएसपी ने बताया कि मोगली के साथ रहने वाला अंकित हिस्ट्रीशीटर का पुराना परिचित है। झगड़े के बाद आशीष ने अंकित से दोनों भाइयों की हत्या करने की बात कही।
अंकित ने यह बात मोगली को बताई। एसएसपी का कहना है कि मोगली को यकीन हो गया था कि आशीष उसे व भाई दीपक को जिंदा नहीं छोड़ेगा। इसी शक के बाद उसने आशीष को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। एससपी ने कहा कि अंकित दुबे को गिरफ्तार कर लिया गया है।