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अंकल ने मुंह बांध दिया, पूछ रहे थे पापा का नाम और नंबर, किडनैपर से बची बच्चियों ने बताई आप बीती

Thu, 07 Dec 2017 09:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बाराबंकी
ब्यूरो/अमर उजाला, बाराबंकी Updated Thu, 07 Dec 2017 09:55 PM IST
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kidnapped girls ran away from kidnappers trap.

बाराबंकी से बृहस्पतिवार सुबह अपह्रत सगी बहनें डालीगंज इलाके में वैन से कूदकर भाग निकलीं। दोनों डरी-सहमी हालत में सिटी स्टेशन पहुंची जहां आरपीएफ के सिपाहियों ने उन्हें संभालकर परिवारीजनों को सूचना दी।

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बच्चियों के पिता लखनऊ पहुंचे और उन्हें बाराबंकी ले जाकर वहां सिटी कोतवाली में बदमाशों के खिलाफ लिखित शिकायत की। देर रात तक बाराबंकी पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही थी।
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बाराबंकी शहर कोतवाल ने बताया कि इलाके में रहने वाले एक हिंदू संगठन के पदाधिकारी व पूजा-पाठ का काम करने वाले युवक की 12 और छह वर्षीय बेटियां कान्वेंट स्कूल में कक्षा छह व एक में पढ़ती हैं। बृहस्पतिवार सुबह दोनों पैदल स्कूल जाने के लिए घर से निकली थीं।
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जैसे ही दोनों सत्यप्रेमीनगर स्थित रामसेवक यादव पार्क के पास पहुंची, सफेद रंग की वैन से आए चार बदमाशों ने उन्हें दबोच लिया। बदमाशों ने दोनों का मुंह दबाकर वैन में लाद लिया और भाग निकले। इलाकाई लोगों से परिवारीजनों को अपहरण की सूचना मिली तो हड़कंप मच गया।

वैन के पिछले दरवाजे से कूदकर भाग निकलीं बच्चियां

kidnapped girls ran away from kidnappers trap.
प्रतीकात्मक फोटो

उधर, बदमाश बच्चियों को लेकर लखनऊ आए और डालीगंज सब्जी मंडी के पास वैन सड़क किनारे खड़ी करके किसी काम से चले गए। बच्चियों ने बदमाशों को जाते देखा तो वैन के पीछे के दरवाजे से कूदकर भाग निकलीं। दोनों बहनें पैदल भागते हुए सिटी स्टेशन पहुंच गईं। यहां आरपीएफ के सिपाहियों ने दहशत से सहमी बच्चियों को देखा तो उन्हें पुचकारकर बातचीत की।

अपहरण का पता चलते ही सिपाहियों के होश उड़ गए। उन्होंने बच्चियों से पिता का मोबाइल नंबर लेकर उनसे संपर्क किया। बच्चियों के लखनऊ में मिलने की खबर से परिवारीजनों की जान में जान आई। परिवारीजन लखनऊ पहुंचे तो बच्चियों ने आपबीती सुनाई। देर शाम बच्चियों को सकुशल बाराबंकी ले आया गया।

बच्चियों के पिता ने किसी से भी रंजिश अथवा विवाद की बात से इनकार किया है। उधर, हसनगंज कोतवाली के एसएसआई संदीप मिश्रा ने बच्चियों के अपहरण और कार से कूदकर भागने की घटना के बारे में जानकारी से इनकार किया है।

'रास्तेभर वह सिर्फ पापा का नाम और मोबाइल नंबर पूछते रहे'

kidnapped girls ran away from kidnappers trap.

बच्चियों ने बताया कि कार में बैठे अंकल ने उनका मुंह कपड़े से बांध दिया। रास्तेभर वह सिर्फ पापा का नाम और मोबाइल नंबर पूछते रहे। उन्होंने मारपीट नहीं की। न ही कोई धमकी दी। एक जगह (डालीगंज) पर अंकल लोग चॉकलेट लाने की बात कहकर कार से उतरकर चले गए। उन्होंने कार के दरवाजे लॉक कर दिए थे लेकिन पीछे डिग्गी वाला दरवाजा खुला रहा गया था जिससे वह कूदकर भाग निकलीं।

घर पहुंचने पर नहीं रूके मां के आंसू
अपने तीन बच्चों में दो बेटियों के गायब होने के दुख से इनकी मां सुबह से ही काफी परेशान थी। शाम को जब दोनों बेटियां घर पहुंची तो मां ने उन्हें गले लगाया तो वह अपने आंसू नहीं रोक सकी। इसके बाद दोनों को बड़े प्यार से खाना भी खिलाया।

बदमाशों को नहीं बताया पापा का नाम
अपहरणकर्ताओं के चुंगल से छूटने वाली दोनों छात्राओं ने बताया कि रास्ते में बदमाशों ने उनकी आंख में पट्टी बांध दिया था। इसके बाद बदमाशों ने कई बार इनके पापा का नाम व फोन नंबर पूछा लेकिन दोनों बच्चियों ने नहीं बताया। छात्राओं ने कहा यदि पापा का नंबर दे देते तो वह लोग परेशान करते इसलिए उनका नाम व नंबर नहीं बताया।

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