प्रेमी संग ससुराल से भागी थी लड़की,बाप ने दोनों को मार डाला
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लखनऊ के मलिहाबाद इलाके में दबंगों ने 12 दिन पहले ससुराल से भागी युवती और उसके प्रेमी की हत्या कर शव गांव से कुछ दूर जंगल में फेंक दिया। चार दिन बाद सोमवार सुबह दुर्गंध फैलने पर ग्रामीणों को भनक लगी। पुलिस के पहुंचने से पहले युवती के पिता और भाई अंडरग्राउंड हो गए।
पड़ताल में पता चला कि युवती के पति ने संडीला थाने में दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने के साथ तफ्तीश हरदोई पुलिस को सौंपने की तैयारी की है।
इंस्पेक्टर मलिहाबाद सुधाकर नाथ पांडेय ने बताया कि गांव बंशी गढ़ी के पास जंगल से युवक-युवती के क्षतविक्षत शव पड़े देख चौकीदार निहाल ने थाने में सूचना दी। युवक की जेब से मिले वोटर आईडी कार्ड व पास में पड़े बैग से उसकी शिनाख्त सिरगामऊ गांव के सुखलाल के बेटे सूरज धानुक (21) व रामअवतार की बेटी सरोज पाल (23) के रूप में हुई।
लड़की के पिता और भाई पर हत्या का आरोप
सूरज के परिवारीजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने रामअवतार, उसके बेटे दिनेश,शिवकुमार और हरदोई के संडीला थाने के गांव ककराली निवासी दामाद मंजेश उर्फ मंगेश पाल पर दोनों की हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की।
सूरज की मां संतोषा ने कहा कि उसके बेटे का सरोज से प्रेम-प्रसंग था। वह दो हफ्ते पहले दिल्ली जाने की बात कह घर से निकला था। कुछ दिनों पहले ही सरोज 15 जुलाई को अपनी ससुराल से भाग गई और उसके पति मंजेश ने सूरज व उसके साथी धर्मेंद्र के खिलाफ संडीला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
संतोषा ने बताया कि सूरज ने शुक्रवार रात दो अजनबी नंबरों से कॉल करके बालागंज पहुंचने की जानकारी दी थी। इसके बाद से दोनों फोन बंद हो गए। सूरज का कुछ पता न चलने पर परिवारीजन घर लौट आए और अगली कॉल का इंतजार कर रहे थे। सूरज के मामा राकेश ने बताया कि सूरज ने 10:16 बजे व 10:35 बजे दो अलग-अलग नंबरों से कॉल की थी।
युवती की मां ने बंद किए दरवाजे
सूरज के शव की शिनाख्त के बाद पुलिस टीम ने रामअवतार के घर दस्तक दी। घर में उसकी पत्नी राजेश्वरी व अन्य महिलाएं थीं। राजेश्वरी ने कहा कि सूरज उसकी बेटी को ससुराल से भगा ले गया है।
परिवार के लोग उसे ढूंढने निकले हैं। जिस युवती का शव जंगल में मिला है वह उसकी बेटी नहीं हो सकती। इसके साथ उसने दरवाजे बंद कर लिए।
सूरज के मामा राकेश ने रामअवतार और उसके परिवारीजनों पर सूरज को बालागंज से अगवा कर मार डालने का आरोप लगाया। राकेश ने सूरज से शुक्रवार रात फोन पर हुई बात के हवाले से बताया कि सूरज कोर्ट में हाजिर होने के इरादे से दिल्ली से लौटा था और बालागंज से सरोज को टाटा मैजिक पर बैठाने जा रहा था। इस पर परिवारीजन आननफानन में बालागंज पहुंचे। वहां न सूरज मिला और न ही सरोज नजर आई।
हत्या के बाद युवती के पिता फरार
राकेश का कहना है कि बेटी के प्रेम-प्रसंग व ससुराल से भागने की वजह से बदनामी से आक्रोशित रामअवतार के परिवारीजनों ने साथियों की मदद से सूरज और सरोज को बालागंज से अगवा किया और जंगल में दोनों की निर्मम हत्या कर शव फेंक दिया और घर में मौजूद रहकर पुलिस की गतिविधियां देखते रहे। भांडा फूटते देख फरार हो गए हैं।
एएसपी क्राइम अशोक कुमार वर्मा ने मौके पर पहुंचकर छानबीन के साथ मलिहाबाद पुलिस से तहकीकात की। पता चला कि सरोज ने 15 जुलाई को अमावस के मेले में जाने की जिद की।
पति व ससुराल वालों ने व्यस्तता की बात कही तो वह दुधमुंहे बच्चे की मनौती की बात कहकर मेले में गई। कई घंटे बाद मेले से लौटी। देरशाम बूंदाबांदी के दौरान उसने बच्चे को सुलाया और खुद नित्यक्रिया के बहाने घर से निकली। इसके बाद लापता हो गई।
एएसपी क्राइम ने अमावस के मेले में सूरज व सरोज की मुलाकात और भागने का कार्यक्रम तय होने का शक जताया। उन्होंने कहा कि देरशाम बूंदाबांदी के दौरान सरोज ने आठ महीने के बच्चे को सुलाया और खुद नित्यक्रिया के बहाने निकली।