जानवरों की चर्बी से बनाते रहे देशी घी, छह गिरफ्तार
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लखनऊ से सटे बाराबंकी में पुलिस ने जानवरों की चर्बी से नकली देशी घी बनाने के गोरखधंधे का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने इस मामले में छह लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
नकली देशी घी बनाने वाले कारखाने से 32 पैकेट डालडा, 20 किलो तैयार नकली घी और इसे बनाने का अन्य सामान बरामद किया गया। ये लोग गांवों में घूम-घूमकर इसे देशी घी के नाम से बेचते थे।
इनका गोरखधंधा छह माह से चल रहा था और अब तक 5 क्विंटल से ज्यादा नकली देशी घी गांवों में खपा चुके थे। एफएसडीए ने इसका नमूना लेकर जांच के लिए भेज दिया है।
एसपी अब्दुल हमीद ने बताया कि जहांगीराबाद पुलिस ने बहादुरपुर में मंगलवार रात सुरेश तिवारी के घर में छापा मारकर इस कारखाने का खुलासा किया।
आरोपियों ने कबूला कैसे करते थे काम
इस मामले में सुरेश के अलावा मोहम्मदपुर खाला थानाक्षेत्र के महेश पाल, अजय यादव, इंदल लाल, रामेश्वर पाल और बदोसराय थानाक्षेत्र के लवकुश पाल को गिरफ्तार किया।
इन सभी को खाद्य सुरक्षा अधिनियम व जालसाजी आदि की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर बुधवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेजा गया है।
सेंट से लाते थे असली देशी घी जैसी महक
जानवरों की चर्बी, डालडा और सेंट से नकली देशी घी तैयार करते थे। सेंट पड़ने के बाद इस घी की महक बिल्कुल असली देशी घी की तरह हो जाती थी।
जिससे लोगों को इसके नकली होने का आभास भी नहीं होता था। आरोपियों ने कुबूला कि वे घी बनाने में जानवरों की चर्बी से बनने वाले तेल का इस्तेमाल करते थे।
गांवों में घूम-घूमकर 350 रुपये/किलो बेचते थे
नकली देशी घी बनाने के बाद आरोपी उसे गांव-गांव घूमकर 350 रुपये प्रति किलो के रेट से बेचते थे। इस घी का कोई ब्रांड नहीं है। इसे किसी भी डिब्बे में भरकर देशी घी के नाम से बेचते थे।
लीवर खराब कर सकता है नकली घी
बाराबंकी जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीके श्रीवास्तव ने बताया कि नकली देशी घी खाने से ब्लड प्रेशर बढ़ने की संभावना रही है।
इसमें चर्बी व डालडा की मिलावट से लीवर खराब हो सकता है। कोलेस्ट्रॉल भी बढ़ता है। इसे खाने से दूसरी कई बीमारियां भी हो सकती हैं।